मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव!ईरान समर्थित मिलिशिया पर अमेरिका-सऊदी का हमला, जवाब में दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलें

अमेरिका और सऊदी अरब का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है। वहीं ईरान ने सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। दूसरी ओर इराक, जॉर्डन और लाल सागर के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
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ईरान समर्थित मिलिशिया पर अमेरिका-सऊदी का हमला, जवाब में दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलें
इराक में संयुक्त हवाई हमले के बाद

रियाद। मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमला किया है। दोनों देशों का कहना है कि इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। हमले के कुछ ही समय बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।

अमेरिका और सऊदी अरब

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार अमेरिका और सऊदी अरब की वायु सेनाओं ने इराक के पूर्वी हिस्से में ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में हथियारों के गोदाम, लॉजिस्टिक सेंटर और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि पिछले 72 घंटों में अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर 30 से ज्यादा ड्रोन हमले किए गए थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।

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ईरान की कार्रवाई से बढ़ी चिंता

हवाई हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान की ओर से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन मिसाइलों का निशाना जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डा था। हालांकि सभी मिसाइलों को रास्ते में ही रोक लिया गया और किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

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सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में स्थित तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। मंत्रालय का आरोप है कि ये ड्रोन इराक की जमीन से सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया ने भेजे थे। सऊदी सरकार का कहना है कि वह युद्ध नहीं चाहती लेकिन देश की सुरक्षा पर खतरा होने पर जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।

ईरान ने आरोपों को किया खारिज

ईरान ने सऊदी अरब के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। तेहरान का सऊदी अरब में हुए ड्रोन या मिसाइल हमलों से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि क्षेत्र में होने वाली हर घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ईरान ने इन आरोपों को बिना सबूत का बताया और कहा कि इससे तनाव और बढ़ सकता है।

बगदाद में लगातार बढ़ रहे हमले

इराक की राजधानी बगदाद में पिछले कुछ दिनों से ड्रोन और रॉकेट हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाल ही में बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित कैंप विक्ट्री को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में आग लग गई और धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों ने ली है। इससे पहले ग्रीन ज़ोन और अमेरिकी दूतावास के आसपास भी कई ड्रोन और रॉकेट हमलों की कोशिश की जा चुकी है।

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लाल सागर में भी बढ़ी हलचल

यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। वहीं समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने भी एक टैंकर के पास विस्फोट की जानकारी दी है। इन घटनाओं के बाद समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही सैन्य गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि यदि तनाव नहीं घटा तो पूरे मध्य पूर्व में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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