BRICS में गरजे पेजेशकियान! ईरान के राष्ट्रपति का दो टूक जवाब, ‘धमकियों से नहीं बदलेगा हमारा रुख’, देंगे जवाब....

नई दिल्ली। BRICS सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर तीखा बयान दिया। भारतीय धार्मिक नेताओं, विद्वानों और कारोबारियों के बीच बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनका देश अपने हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। पेजेशकियान ने आरोप लगाया कि ईरान पर लंबे समय से दबाव बनाने और समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश होती रही है। उन्होंने कहा कि ईरान शांति और बराबरी में विश्वास करता है लेकिन किसी भी तरह के दबाव के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगा। इस दौरान उन्होंने भारत की मेजबानी और दोनों देशों के रिश्तों की भी तारीफ की।
दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान
पेजेशकियान ने कहा कि ईरान किसी भी तरह के अन्याय और दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा किया कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। उनके मुताबिक ईरान दूसरे देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और ऐसा समाज बनाना चाहता है जहां लोगों को बराबर अधिकार मिलें।
अमेरिका पर लगाए दबाव बनाने के आरोप
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि देश में लंबे समय से बाहरी दखल की कोशिश होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान पर प्रतिबंध लगाने के साथ लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश भी की गई। पेजेशकियान के मुताबिक, इसका मकसद ईरान को कमजोर करना और उसके हितों को प्रभावित करना है।
इजरायल और अमेरिका पर साधा निशाना
पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी देश से लड़ाई है तो उसके सैनिकों से मुकाबला होना चाहिए। उन्होंने आम लोगों, अस्पतालों और जरूरी ढांचे को निशाना बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से ईरान की जनता डरकर पीछे नहीं हटेगी।
मानवाधिकारों को लेकर भी उठाए सवाल
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के मानवाधिकार संबंधी दावों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने सैन्य कार्रवाई में बच्चों और आम लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इंसानी जान की कीमत सभी जगह बराबर होनी चाहिए। उन्होंने न्याय और मानव मूल्यों को शांति के लिए जरूरी बताया।
भारत की मेजबानी की तारीफ
पेजेशकियान ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने भारत में हुए स्वागत और बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। दोनों देश संस्कृति, तकनीक, व्यापार, विज्ञान और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं।
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भारत-ईरान रिश्तों पर बढ़ा जोर
ईरानी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के पुराने संबंधों को मजबूत करने की इच्छा भी जताई। उनका कहना था कि आपसी बातचीत और सहयोग से भारत और ईरान कई क्षेत्रों में नए अवसर तैयार कर सकते हैं। BRICS मंच के बीच आया यह बयान दोनों देशों के रिश्तों और क्षेत्रीय मुद्दों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।




















