POK चुनाव हिंसा में बढ़ा मौतों का आंकड़ा...17 की मौत, भारत बोला- दुनिया की आंख में धूल झोंक रहा पाक

इस्लामाबाद। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हालात हिंसक हो गए। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। चुनावी धांधली के आरोप, सरकार विरोधी प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। हिंसा के बाद कुछ इलाकों में चुनाव भी टाल दिए गए हैं।
पहले चरण की वोटिंग के दौरान झड़प
27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन में पहले चरण की वोटिंग हुई। इसी दौरान कई जगह प्रदर्शन और झड़पें हुईं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का आरोप है कि रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मृतकों के नाम भी जारी किए हैं। वहीं कोटली जिले में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने दावा किया कि उसके कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की झड़प के दौरान मौत हो गई। पार्टी ने विरोधियों पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है।
क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
इन प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है। यह संगठन लंबे समय से प्रशासनिक सुधार, आर्थिक समस्याओं के समाधान और राजनीतिक बदलाव की मांग कर रहा है। सरकार ने 5 जून को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही JAAC पर प्रतिबंध लगा दिया और उसके कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके विरोध में आंदोलन और तेज हो गया। कुछ नेता भूमिगत हो गए, जबकि कई रावलाकोट में धरना देकर आंदोलन चला रहे हैं।
किन मांगों पर अड़ा है JAAC...
JAAC ने प्रशासन को 27 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। संगठन की मांग थी कि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं और प्रशासनिक सुधार किए जाएं। जब सरकार और संगठन के बीच बातचीत विफल हो गई तो हजारों लोग रावलाकोट में इकट्ठा हुए और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया। इसी दौरान कई जगह हिंसक झड़पें हुईं।
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पुंछ के दो जिलों में 10 अगस्त तक स्थगित हुए चुनाव
लगातार विरोध प्रदर्शनों के कारण पुंछ डिवीजन के सुधनोती और रावलाकोट जिलों में चुनाव 10 अगस्त तक टाल दिए गए हैं। कई इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। बैंक करीब दो सप्ताह तक बंद रहे और जरूरी सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के विरोध प्रदर्शनों और झड़पों में अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत- दुनिया का ध्यान भटका रहा पाकिस्तान
भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान इन चुनावों के जरिए PoK पर अपने अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश कर रहा है और वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है।
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साल आखिर तीन चरणों में क्यों हो रहे हैं चुनाव
45 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव पहले 27 जुलाई को एक साथ होने थे, लेकिन बढ़ते तनाव के कारण इन्हें तीन चरणों में कराने का फैसला लिया गया।
27 जुलाई: मीरपुर डिवीजन
2 अगस्त: मुजफ्फराबाद डिवीजन और शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें
10 अगस्त: पुंछ डिवीजन (सबसे अधिक तनाव वाला क्षेत्र) फिलहाल पूरे PoK में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी की नजर अगले चरण के चुनावों पर टिकी हुई है।











