भोपाल-इंदौर का मास्टर प्लान फाइनल करने अधिकारियों को दिए निर्देश : सीएम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान तैयार करने के लिए अधिकारियों से कहा गया है। वे रविवार को प्रशासन अकादमी में मानव अधिकार आयोग के 32वे स्थापना दिवस समारोह में मीडिया से चर्चा करते हुए बोल रहे थे। राजधानी में सीलिंग के चलते दुकानों पर हो रही कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है। ऐसे मामलों में कांग्रेस को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
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कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, श्रेय लेना चाहती है
सीएम मोहन यादव ने कहा कि व्यापारियों को हो रही परेशानी का मामला सरकार के संज्ञान में है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी लाया जाए और आगे बढ़ाया जाए। सीएम ने मास्टर प्लान को लेकर कहा कि कांग्रेस के समय भी सरकार थी, लेकिन कांग्रेस ने उस मामले में कुछ नहीं किया। अब जब इसको लेकर कार्रवाई होने वाली है इसलिए झूठा श्रेय लेने से बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और उनकी नजर में पूरा मामला है। गौरतलब है कि भोपाल-इंदौर का मास्टर प्लान नहीं आने से शहर बेतरतीव बस रहा है। कॉलोनाइजरों को धारा 16 में भी नई कॉलोनियां काटने की अनुमति नहीं मिल पा रही है।
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यह एक अच्छा कदम है
भोपाल के 60- 65 हजार व्यापािरयों और उनके कर्मचािरयों पर सीलिंग की कार्रवाई के कारण रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। इसलिए हमने मिक्सड यूज लैंड और मास्टर प्लान लाने की मांग की थी। अब सीएम ने अफसरों को मास्टर प्लान लाने के निर्देश दिए थे, जो एक अच्छा कदम हैं।
गोवंद गोयल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज
पहले ही कहा था
मास्टर प्लान फाइनल करने का तो पूर्व में भी कहा गया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब फिर से निर्देश दिए गए हैं तो देखना होगा कि कब तक सामने आता है। वैसे इसे 31 साल के बजाय 10 साल का ही बनाए तो बेहतर होगा, क्योंकि परिस्थितयां तेजी से बदलती हैं।
अरुण गुर्टू, पूर्व पुलिस महानिदेशक, मप्र




















