Earthquake in Russia : रूस के कामचटका में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

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Earthquake in Russia : रूस के कामचटका में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रूस के कामचटका प्रायद्वीप के तटवर्ती क्षेत्र में शनिवार (13 सितंबर) को 7.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से करीब 111 किलोमीटर पूर्व में और 39.5 किलोमीटर गहराई में था। भूकंप के बाद समुद्र तटों पर सुनामी का खतरा पैदा हो गया है और प्रशासन सतर्क हो गया है।

    सुनामी का अलर्ट जारी

    पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर तक के क्षेत्र में समुद्र की लहरें खतरनाक रूप ले सकती हैं। तटीय गांवों और कस्बों के लोगों को सतर्क किया गया है और प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है।

    अभी तक कोई जनहानि की सूचना नहीं

    अब तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, लगातार आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटके) की आशंका बनी हुई है। अधिकारी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

    जुलाई में भी आया था भूकंप

    इसी साल जुलाई में कामचटका क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप दर्ज किया गया था। वह 2011 के जापान भूकंप के बाद सबसे शक्तिशाली झटकों में से एक था। उस समय कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे।

    ज्वालामुखीय क्षेत्र में लगातार हलचल

    कामचटका प्रायद्वीप पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है, जो भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। 3 अगस्त 2025 को यहां क्राशेनीनिकोव ज्वालामुखी करीब 600 साल बाद फटा था। वैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंपीय गतिविधियां इस क्षेत्र में ज्वालामुखियों को सक्रिय कर सकती हैं।

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    1952 की तबाही अब भी याद

    कामचटका क्षेत्र में इससे पहले भीषण भूकंप का लंबा इतिहास रहा है। वर्ष 1952 में यहां 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने भारी तबाही मचाई और बड़ी सुनामी आई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह इलाका भविष्य में भी बड़े भूकंपों का केंद्र बन सकता है।

    क्यों आता है भूकंप?

    धरती की सतह कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है। ये प्लेट्स लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। जब इनमें घर्षण या टकराव होता है तो दबाव बनता है। दबाव ज्यादा होने पर ऊर्जा बाहर निकलती है और भूकंप आता है।

    भूकंप मुख्य रूप से तीन तरह की फॉल्ट लाइनों से आता है:

    रिवर्स फॉल्ट – जमीन का हिस्सा ऊपर उठ जाता है।

    स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट – प्लेट्स खिसकने से जमीन का हिस्सा आगे-पीछे होता है।

    नॉर्मल फॉल्ट – जमीन का हिस्सा नीचे धंस जाता है।

    कितनी तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक?

    4 से 4.9: खिड़कियां टूट सकती हैं।

    5 से 5.9: फर्नीचर हिल सकता है।

    6 से 6.9: इमारतों की नींव दरक सकती है।

    7 से ऊपर: इमारतें और पुल तक गिर जाते हैं।

    9 या उससे ज्यादा: पूरी तबाही और सुनामी का खतरा।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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