Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Rare Delivery :छिंदवाड़ा में महिला ने एक साथ चार बच्चों को दिया जन्म

छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। डॉक्टर्स के अनुसार 20 वर्षीय महिला ने सातवें महीने में इन बच्चों को जन्म दिया, चारों बच्चे और मां स्वस्थ है।
छिंदवाड़ा में महिला ने एक साथ चार बच्चों को दिया जन्म

छिंदवाड़ा। जिले के जुन्नारदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। जुन्नारदेव में ऐसा मामला पहली बार सामने आया है। नवेगांव की रोराढ़ेकनी गांव की निवासी 20 साल की महिला कुन्नू इवनाती ने सातवें महीने में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। यह प्रसव पूरी तरह सुरक्षित रहा, जिसे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक संपन्न कराया। फिलहाल बच्चे और मां स्वस्थ हैं।

एक लड़का और तीन लड़कियां

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी के मार्गदर्शन में डिलीवरीकर्ता पूजा सोनी द्वारा महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। नवजात बच्चों का वजन अपेक्षाकृत कम होने के कारण एहतियातन सभी को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। चार नवजातों में एक लड़का और तीन लड़कियां हैं। मां और बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

समय पर लिया सही निर्णय

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी ने बताया कि यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से काफी संवेदनशील था। समय पर सही निर्णय, अनुभवी स्टाफ और सतर्क निगरानी के चलते सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। उन्होंने पूरी मेडिकल टीम की सराहना की। डिलीवरी कराने वाली पूजा सोनी ने बताया कि महिला को पहले से विशेष निगरानी में रखा गया था। प्रसव के दौरान सभी आवश्यक सावधानियां बरती गईं और नवजातों को तत्काल विशेषज्ञ इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

बेटा है ऑक्सीजन सपोर्ट पर

नवजातों को एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती किया गया है। डॉक्टर्स के अनुसार, तीनों नवजात बेटियां फिलहाल खतरे से बाहर हैं और उनका वजन सामान्य बताया जा रहा है। नवजात बेटे को ऑक्सीजन सपोर्ट सहित निरंतर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय से रेफरल और समुचित चिकित्सा सुविधा मिलने से बच्चों की जान बचाने में सफलता मिली है।

बहुत कम होते हैं एकसाथ चार बच्चे

किसी महिला द्वारा चार बच्चों के एकसाथ जन्म देने का मामला दुर्लभ होता है। वहीं दो बच्चों के मामले अक्सर सुनने में आ जाते हैं। मेडिकल साइंस में इसे क्वाड्रुपलेट्स (Quadruplets) केस कहा जाता है, जो 7 लाख में एक मामला सामने आता है। 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts