बांग्लादेश में हिंसा पर शेख हसीना का हमला :अंतरिम सरकार और मोहम्मद यूनुस को बताया जिम्मेदार

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और भारत विरोधी रुख के लिए अंतरिम सरकार और इसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लोकतंत्र की बहाली तक देश लौटने से इनकार किया और मौत की सजा को राजनीति आधारित करार दिया।
अंतरिम सरकार और मोहम्मद यूनुस को बताया जिम्मेदार
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में तनाव और हिंसा ने नया मोड़ ले लिया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार और इसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे हमले और भारत विरोधी गतिविधियों का जिम्मेदार ठहराया है। हसीना का कहना है कि, अंतरिम सरकार कट्टरपंथियों को संरक्षण दे रही है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। भारत-बांग्लादेश संबंधों पर प्रभाव डालने वाले इस मुद्दे को लेकर हसीना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी चेतावनी दी है। Bangladesh violence के मामले ने दक्षिण एशिया में सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर चुनौती दे दी है।

    अंतरिम सरकार पर शेख हसीना का आरोप

    शेख हसीना ने कहा कि, यूनुस सरकार कट्टरपंथियों को खुला संरक्षण दे रही है और सजा पाए आतंकियों को रिहा किया गया है। उनका कहना है कि, सरकार भारत विरोधी बयान देती है और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यूनुस सरकार विदेशों को उदार चेहरा दिखा रही है, लेकिन देश के अंदर कट्टरपंथियों को ताकत दे रही है।

    भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर

    हसीना ने एक इंटरव्यू में कहा कि, भारत दशकों से बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद मित्र रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि, जब लोकतंत्र बहाल होगा, तो भारत-बांग्लादेश के रिश्ते फिर पहले जैसे मजबूत और दोस्ताना बनेंगे। शेख हसीना ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को लेकर पड़ोसी देश को धमकाना गैर-जिम्मेदाराना बताया।

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    न्यायिक फैसलों और मौत की सजा को खारिज

    पूर्व प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के फैसले को पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार दिया। हसीना का आरोप है कि, उन्हें अपना बचाव करने का पूरा अधिकार नहीं दिया गया और अपनी पसंद के वकील चुनने की अनुमति भी नहीं मिली। नवंबर 2024 में अदालत ने जुलाई-अगस्त के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में उन्हें 'मानवता के खिलाफ अपराध' का दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई।

    लोकतंत्र और चुनाव पर हसीना की प्रतिक्रिया

    शेख हसीना ने मौजूदा अंतरिम सरकार की वैधता को चुनौती दी और कहा कि अवामी लीग के बिना चुनाव फ्री और फेयर नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि, ऐसे चुनाव से लाखों लोग अपने मताधिकार से वंचित रह जाएंगे और नई सरकार नैतिक अधिकार खो देगी।

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    शेख हसीना की वापसी और भारत का आभार

    हसीना ने कहा कि मौजूदा हालात में वह बांग्लादेश लौटेंगी नहीं। उनका कहना है कि देश में कानून और न्याय तब तक सही ढंग से नहीं होंगे, जब तक स्वतंत्र सरकार और स्वतंत्र अदालतें नहीं बनतीं। उन्होंने भारत के समर्थन और शरण देने के लिए आभार जताया और कहा कि यह उन्हें साहस और हौसला दे रहा है।

    शेख हसीना का राजनीतिक सफर

    23 जून 1996: पहली बार प्रधानमंत्री बनीं

    2001-2009: विपक्ष की नेता रहीं

    6 जनवरी 2009: दूसरी बार प्रधानमंत्री चुनी गई

    2014: तीसरी बार प्रधानमंत्री बनीं

    2019: चौथी बार प्रधानमंत्री बनीं

    जनवरी 2024: लगातार चौथी बार और कुल पांचवीं बार प्रधानमंत्री बनीं

    5 अगस्त 2024: रिजर्वेशन आंदोलन के कारण पीएम पद से इस्तीफा

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    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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