इंदौर में रियल एस्टेट के नाम पर 3 करोड़ 12 लाख रुपये की सुनियोजित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बिल्डर भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और विश्वासघात की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। EOW अधिकारियों के मुताबिक मामला ग्राम धन्नड स्थित उत्कर्ष पैराडाइज कॉलोनी से जुड़ा है, जहां एएम बिल्डर एंड डेवलपर्स ने 17,151 वर्गफीट भूमि पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी, लेकिन जिस जमीन पर निर्माण हुआ, उसके असली मालिक को एक रुपये का भुगतान तक नहीं किया गया।
तीन बार जमीन ट्रांसफर, मालिक को नहीं मिला पैसा
जांच में खुलासा हुआ कि यह भूमि गौतम जैन ने सिराज सिद्दीकी से वर्ष 2012 में खरीदी थी। बाद में गौतम जैन ने निर्माण के लिए एएम बिल्डर को पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी। कंपनी का संचालन साजिद शेख कर रहा था। साजिद शेख ने भुगतान के नाम पर 1.50 करोड़ रुपये के छह चेक दिए, लेकिन एक भी चेक का भुगतान नहीं हुआ। इसके बावजूद 2013 में डेवलपमेंट एग्रीमेंट कर लिया गया।
भाइयों के बीच जमीन की बंदरबांट
धोखाधड़ी की साजिश यहीं नहीं रुकी। साजिद शेख ने जमीन अपने भाई राशिद शेख को ट्रांसफर कर दी, जिसकी कंपनी बलमोईन डेवलकॉन प्राइवेट लिमिटेड है। कुछ समय बाद यही भूखंड तीसरे भाई जावेद शेख की कंपनी जेएसआर रियलिटी के नाम कर दिया गया। जावेद शेख ने बदले में महू में 32 हजार वर्गफीट का प्लॉट देने का एग्रीमेंट किया, लेकिन रजिस्ट्री जानबूझकर नहीं की गई।
52 फ्लैट बनाए, बेच दिए… फिर भी कब्जा नहीं
EOW जांच में सामने आया कि इसी विवादित भूमि पर 52 फ्लैट खड़े कर दिए गए। इनमें से कई फ्लैट बेच भी दिए गए, लेकिन खरीदारों को आज तक न कब्जा मिला और न ही कानूनी दस्तावेज। इस पूरे खेल में भूमि स्वामी और फ्लैट खरीदारों—दोनों को चूना लगाया गया, और कुल धोखाधड़ी की राशि 3.12 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
EOW का शिकंजा कसा
पीड़ित गौतम जैन (पिता गजेंद्र जैन), निवासी स्कीम नंबर 154, विजय नगर की शिकायत पर EOW ने साजिद शेख, राशिद शेख और जावेद शेख के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसी को शक है कि यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि बिल्डर भाइयों का संगठित रियल एस्टेट फ्रॉड नेटवर्क हो सकता है। EOW जल्द ही संपत्तियों की जांच और कुर्की की कार्रवाई भी कर सकती है।