ढाका। बांग्लादेश में Bangladesh Political Violence का एक और गंभीर मामला सामने आया है। मयमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला और शव को सड़क पर सार्वजनिक रूप से आग के हवाले कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब देश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर था। अंतरिम सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में 18 दिसंबर की रात लगभग 9:15 बजे एक भयावह घटना हुई। जिसमें 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई। दीपू पायनियर निटवेयर्स (BD) लिमिटेड नामक गारमेंट फैक्ट्री के लिंकिंग सेक्शन में काम कर रहा था। कथित आपत्तिजनक टिप्पणी (ईशनिंदा) की जानकारी फैक्ट्री के बाहर फैल गई, जिसके बाद 1500 से 2000 लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने फैक्ट्री का गेट तोड़कर दीपू को पकड़ लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर रूप से घायल दीपू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने उसके शव को सड़क पर घसीटा, डिवाइडर पर टांग दिया और फिर आग लगा दी। जिससे यह मामला और भी गंभीर बन गया।
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नाम |
उम्र |
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मोहम्मद लिमोन सरकार |
19 |
गिरफ्तार |
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मोहम्मद तारेक हुसैन |
19 |
गिरफ्तार |
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मोहम्मद मानिक मिया |
20 |
गिरफ्तार |
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इरशाद अली |
39 |
गिरफ्तार |
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निजुम उद्दीन |
20 |
गिरफ्तार |
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आलमगीर हुसैन |
38 |
गिरफ्तार |
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मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन |
46 |
गिरफ्तार |
RAB-14 ने मयमनसिंह के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर आरोपियों को हिरासत में लिया। जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 12 दिसंबर 2025 को उस्मान हादी हत्या का मामला सामने आया। बाइक सवार हमलावर ने उन्हें गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया, जहां उनका निधन हो गया। इस मामले में मुख्य आरोपी फैसल करीम के भारत भागने का दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादी की हत्या से एक दिन पहले फैसल करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एक रिजॉर्ट में मौजूद था और वहां उसने धमकी दी थी कि, कल बांग्लादेश हिल जाएगा।
शरीफ उस्मान हादी एक युवा नेता, लेखक और लेक्चरर थे, जो अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक मंच पर उभरे। वह इंकलाब मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी थे और ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। हादी अवामी लीग की सरकार के खिलाफ सक्रिय रूप से अपनी आवाज उठा रहे थे और युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहचान बना चुके थे।
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चरण |
तारीख |
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नामांकन |
29 दिसंबर 2025 तक |
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जांच |
30 दिसंबर 2025 – 4 जनवरी 2026 |
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नामांकन वापसी |
20 जनवरी 2026 |
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चुनाव चिह्न आवंटन |
21 जनवरी 2026 |
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प्रचार |
21 जनवरी – 10 फरवरी 2026 |
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चुनाव |
12 फरवरी 2026 |
अंतरिम सरकार ने घटना की निंदा की और कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जनता से संयम बरतने, अफवाहों से दूर रहने और हिंसा में शामिल न होने की अपील की गई।