भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने 4 से 6 अगस्त तक चली तीन दिवसीय बैठक के बाद रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। RBI ने ब्याज दरें 5.50% पर स्थिर रखी हैं, जिसका मतलब है कि लोन की EMI न तो बढ़ेगी और न ही घटेगी।
इस साल अब तक रेपो रेट में कुल 1% की कटौती हो चुकी है:
फरवरी 2025: 6.50% से घटाकर 6.25%
अप्रैल 2025: 6.25% से 6.00%
जून 2025: 6.00% से 5.50%
लेकिन अगस्त की मीटिंग में RBI ने आगे की स्थिति देखने के लिए ब्याज दरों को फिलहाल यथावत रखने का निर्णय लिया।
RBI के इस फैसले का सीधा असर लोन लेने वाले ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। चूंकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ, इसलिए:
RBI ने भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% पर स्थिर रखा है। सभी चार तिमाहियों के लिए भी पुराने अनुमानों को बरकरार रखा गया है:
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तिमाही |
पहले |
अब |
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Q1FY26 |
6.5% |
6.5% |
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Q2FY26 |
6.7% |
6.7% |
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Q3FY26 |
6.6% |
6.6% |
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Q4FY26 |
6.3% |
6.3% |
RBI ने महंगाई को लेकर राहत भरा संकेत दिया है। FY26 के लिए महंगाई दर को 3.7% से घटाकर 3.1% किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा बदलाव दूसरी तिमाही में देखने को मिला:
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तिमाही |
पहले |
अब |
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Q2FY26 |
3.4% |
2.1% |
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Q3FY26 |
3.9% |
3.1% |
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Q4FY26 |
4.4% |
4.4% |
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता अभी बनी हुई है। इसी कारण फिलहाल कोई और कटौती नहीं की गई है। RBI आने वाले समय में पिछले बदलावों के असर को देखना चाहता है।
इस वित्त वर्ष (2025-26) में RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। तीन मीटिंग पहले ही हो चुकी हैं। अगली मीटिंग 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 के बीच प्रस्तावित है।
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मीटिंग |
तारीख |
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पहली |
7-9 अप्रैल |
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दूसरी |
4-6 जून |
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तीसरी |
4-6 अगस्त |
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चौथी |
29 सितंबर–1 अक्टूबर |
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पाँचवीं |
3-5 दिसंबर |
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छठी |
4-6 फरवरी 2026 |
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