नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) के खुलने का रास्ता अब साफ हो गया है। निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बाद शुक्रवार को यहां पहली कैलिब्रेशन फ्लाइट का सफल परीक्षण किया गया।
बता दें कि यह गुरुवार को होना था लेकिन खराब मौसम के चलते गुरुवार को रद्द कर दिया गया था। शुक्रवार को मौसम साफ होने पर सफलतापूर्वक एयरपोर्ट पर उतरी। यह ट्रायल रन उड़ान सुरक्षा और नेविगेशन सिस्टम की जांच के लिए किया गया। जो लगभग दो घंटे तक चला। इस दौरान विमान ने रनवे, ILS (Instrument Landing System), VOR, DME, कम्युनिकेशन सिस्टम और लाइटिंग सिस्टम की सटीकता का बारीकी से परीक्षण किया। यह पूरी प्रक्रिया नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की देखरेख में हुई। जिसने यह सुनिश्चित किया कि सभी तकनीकी मानक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप हैं।
कैलिब्रेशन फ्लाइट किसी भी नए हवाई अड्डे के लिए एक अनिवार्य परीक्षण होता है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी नेविगेशन और कम्युनिकेशन उपकरणों (जैसे ILS और रडार) की सटीकता और विश्वसनीयता की जांच करना है। इन परीक्षणों के माध्यम से यह प्रमाणित किया जाता है कि उपकरण इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) द्वारा निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। इस सफल ट्रायल के बाद ही हवाई अड्डे को संचालन की अनुमति मिलती है।
उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पूरी तरह से संचालन के लिए यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। जिसे सफलतापूर्वक पार कर लिया गया है। अब DGCA से परीक्षण की रिपोर्ट मिलते ही एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि एयरपोर्ट का उद्घाटन नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में होगा।
वहीं, उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की उम्मीद है। इस सफल ट्रायल के साथ ही दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के लाखों लोगों का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है।