Bhavantar Yojana:मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की सुनवाई के लिए शुरू की, भावांतर योजना हेल्पलाइन

मध्य प्रदेश में भावांतर योजना को अच्छे और सही तरीके से चलाने के लिए, किसानों, व्यापारियों, मंडी बोर्ड और मंडी समितियों के अधिकारियों व कर्मचारियों की मदद के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर शुरू किया गया है।
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की सुनवाई के लिए शुरू की, भावांतर योजना हेल्पलाइन
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को फसल के गिरते दाम से राहत देने के लिए एक बार फिर भावांतर भुगतान योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना है।

    क्या है भावांतर योजना

    भावांतर योजना के तहत यदि किसान को अपनी फसल का मूल्य बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम मिलता है, तो सरकार वह अंतर (भावांतर) किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में जमा करती है। इस वर्ष सोयाबीन फसल के लिए MSP 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यदि बाजार में दाम 4,000 से 4,500 रुपये के बीच रहते हैं, तो बाकी रकम सरकार किसानों को देगी।

    कितने किसान होंगे लाभान्वित

    इस बार प्रदेश के लगभग 9 लाख 36 हजार किसानों ने भावांतर योजना के तहत पंजीकरण कराया है। अब तक 22,063 किसानों से 47,493 टन सोयाबीन की खरीदी की जा चुकी है। सरकार का अनुमान है कि करीब 6 लाख किसानों को योजना से सीधा लाभ मिलेगा।

    खरीदी की तिथि और प्रक्रिया

    सोयाबीन फसल की खरीदी 24 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और यह प्रक्रिया 15 जनवरी तक चलेगी। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी उपज केवल अधिकृत मंडियों में ही बेचें और किसी अफवाह पर ध्यान न दें। मंडी समितियों को किसानों और व्यापारियों के बीच होने वाली खरीदी-बिक्री की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।

    हेल्पलाइन नंबर जारी

    किसानों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने भावांतर हेल्पलाइन शुरू की है। किसान और व्यापारी 0755-2704555 नंबर पर कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा मंत्रालय में कृषि विपणन मंडी बोर्ड द्वारा एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 0755-2558104 है।

    Uploaded media

    हेल्पलाइन का समय

    यह हेल्पलाइन हर दिन सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक सक्रिय रहेगी। इस दौरान किसान, व्यापारी, मंडी समितियों के सदस्य और अधिकारी अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकेंगे।

    पुरानी योजना, नई शुरुआत

    भावांतर योजना पहली बार वर्ष 2017 में लागू की गई थी। किसानों की लगातार मांग के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे आठ साल बाद फिर से शुरू किया है। सरकार का कहना है कि इस बार योजना को और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा ताकि किसी भी किसान को नुकसान न हो।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

    Latest Posts