रायपुर में रेल मंत्री के दौरे पर 5 करोड़ खर्च,पटरियों की गिट्टियों तक पर रंग-रोगन, सरकारी धन के इस्तेमाल पर उठे सवाल

रायपुर: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 12 अक्टूबर को प्रस्तावित रायपुर दौरे से पहले रेलवे परिसर में रंग-रोगन और निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। रेलवे ट्रैक के सीमेंट स्लीपर से लेकर गिट्टियों तक को रंगा जा रहा है। स्टेशन के अधिकारियों के कक्षों की साज-सज्जा, सड़कों के डामरीकरण और सीसी रोड निर्माण जैसे काम भी कराए जा रहे हैं। करीब दो घंटे के कार्यक्रम और उससे जुड़ी तैयारियों पर 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया जा रहा है। वहीं, आरपीएफ राइजिंग डे आयोजन के लिए 85 लाख रुपये का बजट मिलने की जानकारी सामने आई है। इन तैयारियों के बीच सरकारी धन के इस्तेमाल और खर्च की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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दो घंटे का कार्यक्रम, 5 करोड़ तक खर्च का अनुमान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रायपुर आगमन को लेकर रेलवे में तैयारियां तेज हैं। आयोजन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर करीब 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है। हालांकि, यह राशि किन-किन मदों में खर्च होगी, इसका विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने आना जरूरी है। कार्यक्रम की अवधि करीब दो घंटे बताई जा रही है। ऐसे में खर्च का अनुमान सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आयोजन की भव्यता और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल के बीच संतुलन कैसे बनाया जा रहा है।
पटरियों के स्लीपर और गिट्टियों तक पर रंग-रोगन
रेल मंत्री के स्वागत की तैयारियों में रेलवे ट्रैक के आसपास भी रंगाई-पुताई की जा रही है। सीमेंट स्लीपर और गिट्टियों तक को रंगा जा रहा है। इस तरह की तैयारियों को देखकर लोगों के बीच चर्चा है कि क्या वीआईपी दौरे के लिए होने वाला यह सौंदर्यीकरण जरूरी है या रेलवे को इन संसाधनों का इस्तेमाल यात्री सुविधाओं और रखरखाव पर प्राथमिकता से करना चाहिए? रेलवे की ओर से इस रंग-रोगन के उद्देश्य, लागत और सुरक्षा मानकों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आने पर खर्च को लेकर स्थिति और साफ हो सकेगी।

सालों बाद अधिकारियों के कक्षों की भी बदली जा रही सूरत
रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर स्थित अधिकारियों के कक्षों के दरवाजों को रंगा जा रहा है। कमरों में पर्दे लगाने सहित अन्य साज-सज्जा के काम भी किए जा रहे हैं। स्टेशन परिसर को कार्यक्रम से पहले व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है। इन तैयारियों के बीच सवाल यह भी है कि नियमित रखरखाव के काम क्या किसी बड़े अधिकारी के दौरे से पहले ही गति पकड़ते हैं?
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स्टेशन से डब्ल्यूआरएस ग्राउंड तक सड़कें चमकाने की तैयारी
रेल मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए स्टेशन से डब्ल्यूआरएस ग्राउंड तक पहुंच मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है। डीआरएम कार्यालय से ग्राउंड की ओर जाने वाली सड़क पर डामरीकरण कराया जा रहा है। इसके अलावा ग्राउंड में नई सीसी रोड भी बनाई गई है। सड़क निर्माण और मरम्मत से निश्चित तौर पर आवागमन में सुविधा मिल सकती है, लेकिन इन कार्यों की लागत, स्वीकृति और स्थायी उपयोगिता का ब्योरा सामने आना भी जरूरी है।
आरपीएफ राइजिंग डे के लिए 85 लाख रुपये का बजट
रेल मंत्री 12 अक्टूबर को आरपीएफ के राइजिंग डे कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचने वाले हैं। आयोजन के लिए अकेले आरपीएफ को 85 लाख रुपये का बजट मिलने की जानकारी दी गई है। अब आयोजन से जुड़े कुल अनुमानित खर्च और आरपीएफ के बजट के बीच अंतर स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि अलग-अलग मदों में कितनी राशि स्वीकृत की गई है और वास्तविक खर्च कितना होगा।
क्या रायपुर-राजिम और रायपुर-रावघाट ट्रेन को मिलेगी हरी झंडी?
रेल मंत्री के दौरे के दौरान रायपुर-राजिम और रायपुर-रावघाट ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इन ट्रेनों के शुभारंभ को लेकर आधिकारिक पुष्टि और कार्यक्रम की अंतिम जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि इन सेवाओं की शुरुआत होती है, तो यात्रियों के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। लेकिन कार्यक्रम की उपलब्धियों के साथ-साथ तैयारियों पर होने वाले खर्च का पारदर्शी ब्योरा भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बड़ा सवाल स्वागत की चमक या यात्री सुविधाओं पर खर्च?
रेलवे स्टेशन की सफाई, सड़कों की मरम्मत और यात्री सुविधाओं का विकास जरूरी है। लेकिन यदि नियमित रखरखाव और सौंदर्यीकरण के काम किसी वीआईपी दौरे से ठीक पहले ही तेजी से होने लगें, तो खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब निगाहें रेलवे की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक खर्च विवरण पर हैं। आयोजन की स्वीकृत राशि, अलग-अलग निर्माण कार्यों की लागत और वास्तविक भुगतान का ब्योरा सामने आने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनुमानित 4 से 5 करोड़ रुपये किन कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं।




















