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PU Special :प्रदेश का सबसे पुराना GRMC बनेगा मध्य प्रदेश की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी

ग्वालियर का गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) जल्द ही मेडिकल यूनिवर्सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। यदि मंजूरी मिलती है तो यह मध्य प्रदेश का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा जिसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलेगा। इससे मेडिकल शिक्षा, शोध, संबद्ध कॉलेजों के प्रशासन और क्षेत्रीय छात्रों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश का सबसे पुराना GRMC बनेगा मध्य प्रदेश की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी
फाइल फोटो

राजीव कटारे, ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) अब जल्द ही मेडिकल यूनिवर्सिटी में तब्दील होगा। प्रदेश का सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज होने के साथ ही GRMC, मध्य प्रदेश के 21 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहला संस्थान बनेगा जिसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलेगा।

शासन ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में सरकार ने GRMC प्रबंधन से प्रस्ताव मांगा था, जिसे प्रबंधन द्वारा भेज भी दिया गया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस प्रस्ताव में खास रुचि ले रहे हैं। उन्होंने हाल ही में जीआरएमसी के दिन पर इस संबंध में प्रस्ताव मांगा था।

प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज, 8 पद्मश्री डॉक्टर दिए

GRMC को यूनिवर्सिटी बनाने की सबसे बड़ी वजह इसका गौरवशाली इतिहास है। यह न केवल प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज है, बल्कि इस संस्थान ने देश को अब तक 8 पद्मश्री डॉक्टर दिए हैं। साथ ही प्रदेश के सबसे पुराने इस मेडिकल कॉलेज को आईआईआरएफ रैंकिंग 2026 में देशभर में 36वां और मध्यप्रदेश में तीसरा स्थान मिला है।हालांकि जबलपुर में मेडिकल यूनिवर्सिटी है, लेकिन कोई भी सरकारी कॉलेज अभी अब तक यूनिवर्सिटी नहीं बन पाया है, ऐसे में जीआरएमसी की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनेगी।

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अंचल के छात्रों को होगा सीधा फायदा 

GRMC के यूनिवर्सिटी बनने से सिर्फ ग्वालियर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। हाल ही में नेशनल मेडिकल कमीशन ने जीआरएमसी में 50 एमबीएस सीटें बढ़ाने की मंजूरी दी है। 5 अगस्त से शुरू होने वाली काउंसलिंग में अब 250 सीटों पर प्रवेश होंगे। यूनिवर्सिटी बनने के बाद शिवपुरी, दतिया और श्योपुर के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को भी रिसर्च, डिग्री और एडमिनिस्ट्रेशन में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा अंचल के आयुर्वेदिक और होम्योपैथी कॉलेजों को अब जबलपुर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नर्सिंग कॉलेजों को भी यहीं से मान्यता मिल सकेगी, जिससे पूरे चंबल-ग्वालियर अंचल की स्वास्थ्य शिक्षा मजबूत होगी।

जल्द ही  सपना साकार  होगा 

GRMC को मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने को लेकर शासन और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मांगा गया प्रस्ताव भेज दिया गया है। अभी तक प्रदेश का कोई भी सरकारी मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी नहीं है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही यह सपना साकार होगा।

डॉ. आरकेएस धाकड़, डीन, GRMC

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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