जबलपुर के भीष्म पितामह डॉ. वीके रैना नहीं रहे:मौत के बाद भी निभाया फर्ज, छात्रों के लिए दान किया अपना शरीर
इस प्रेरणादायक कहानी में जानें कैसे एक व्यक्ति ने अपनी मृत्यु के बाद भी छात्रों के भविष्य के लिए अपना फर्ज निभाया। उन्होंने मेडिकल छात्रों की पढ़ाई के लिए अपना शरीर दान कर एक अनोखी मिसाल पेश की है। यह असाधारण त्याग आपको भावुक कर देगा।
Rohit Sharma
25 Apr 2026




























