एसी कोच में बिजली के सॉकेट से बह रहा था बारिश का पानी, इंदौर से रतलाम तक बना रहा खतरा

इंदौर-दौंड एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच बी-1 में बारिश का पानी इलेक्ट्रिक चार्जिंग सॉकेट से अंदर आने का मामला सामने आया। यात्री गणेश नारंग ने तस्वीरें और वीडियो साझा कर रेलवे से शिकायत की। मामला रतलाम डीआरएम कार्यालय पहुंचा, जहां रेलवे ने शिकायत अटेंड किए जाने की जानकारी दी।
एसी कोच में बिजली के सॉकेट से बह रहा था बारिश का पानी, इंदौर से रतलाम तक बना रहा खतरा
फाइल फोटो

इंदौर। बारिश के दौरान ट्रेन के एसी कोच में इलेक्ट्रिक चार्जिंग सॉकेट से पानी बहने का मामला सामने आया है। इंदौर-दौंड एक्सप्रेस (22944) के थर्ड एसी कोच बी-1 में सफर कर रहे यात्री ने आरोप लगाया कि बाहर से बारिश का पानी सीधे इलेक्ट्रिक चार्जिंग सॉकेट तक पहुंच रहा था और वहां से कोच के अंदर बह रहा था। इससे करंट फैलने और गंभीर हादसे की आशंका बनी रही। पानी के कारण यात्री का सामान भी खराब हो रहा था।

सोशल मीडिया पर की शिकायत

बी-1 कोच की बर्थ नंबर 19 पर सफर कर रहे यात्री गणेश नारंग ने सोशल मीडिया पर रेलवे को टैग करते हुए तस्वीरें और वीडियो साझा किए। उन्होंने बताया कि बारिश का पानी सॉकेट के आसपास से लगातार अंदर आ रहा था। शिकायत में उन्होंने इसे तत्काल यात्री सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए कोच का निरीक्षण और जरूरी कार्रवाई करने की मांग की। यात्री ने रेल मदद पर भी शिकायत दर्ज कर इसे ‘अर्जेंट पैसेंजर सेफ्टी इश्यू’ बताया।

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इंदौर से रतलाम तक बना रहा खतरा 

यात्री की शिकायत रेलवे सेवा के माध्यम से रतलाम डीआरएम कार्यालय तक पहुंची। वहां से इसे कमर्शियल विभाग को भेजा गया। रेलवे की ओर से बताया गया कि रतलाम में शिकायत को अटेंड कर लिया गया। इसका मतलब यह रहा कि इंदौर से ट्रेन रवाना होने के बाद रास्ते में ही पानी इलेक्ट्रिकल सॉकेट तक पहुंचता रहा और रतलाम पहुंचने पर शिकायत पर कार्रवाई हुई। इस दौरान यात्रियों को इलेक्ट्रिक सॉकेट के आसपास पानी आने के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

बारिश में इलेक्ट्रिकल सुरक्षा पर सवाल

ट्रेन के कोच में यात्रियों के मोबाइल और अन्य उपकरण चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिक सॉकेट लगाए जाते हैं। ऐसे में इन्हीं सॉकेट के पास बारिश का पानी पहुंचना सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब पानी लगातार इलेक्ट्रिकल प्वाइंट की ओर जा रहा हो। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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