संघ के सरकार्यवाह होसबाले ने कहा-हिंदू एकजुटता के लिए जाति की दीवारें तोड़ें, हनुमानजी की तरह अपनी शक्ति पहचाननी होगी

आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भोपाल में आयोजित शाखा संगम एवं स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम में हिंदुओं से जातिगत भेदभाव खत्म कर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने हनुमानजी की तरह सामूहिक शक्ति पहचानने, पर्यावरण संरक्षण और भारत को मानवता की सेवा के लिए शक्तिशाली बनाने पर जोर दिया।
संघ के सरकार्यवाह होसबाले ने कहा-हिंदू एकजुटता के लिए जाति की दीवारें तोड़ें, हनुमानजी की तरह अपनी शक्ति पहचाननी होगी
भोपाल। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शाखा संगम कार्यक्रम को संबोधित किया।

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने समाज को सशक्त और एकजुट बनाने हिंदुओं से जाति की दीवारें तोड़ने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि हनुमानजी की तरह हिंदू अपनी शक्ति पहचानें। विश्व में देश का गौरव बढ़ रहा है। भारत दुनिया पर दादागिरी करने नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के लिए आगे बढ़ेगा। देश में  सेंसस- 2027 और जातिगणना की चर्चा के बीच सरकार्यवाह होसबाले ने यह अपील की। शताब्दी वर्ष में राजधानी के लाल परेड मैदान पर 'शाखा संगम एवं स्वयंसेवक एकत्रीकरण' कार्यक्रम  में उन्होंने संघ की शाखाएं बढ़ाने को कहा। बोले-संघ के काम का कोई फुल स्टॉप नहीं। कार्यक्रम में 5 जिलों के करीब 30 हजार स्वयंसेवक मौजूद थे। संघ ने मुख्य अतिथि बतौर एम्स भोपाल के निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोतवाल को बुलाया था।

जाति व्यवस्था तोड़ें

होसबाले ने आह्वान किया कि हिंदुओं की ताकत बढ़ाने जातिगत भेदभाव भुलाकर एकजुट होना होगा। इसके लिए संघ कार्यक्रम चला रहा है।

हिंदू अपनी शक्ति पहचानें

हिंदुओं को हनुमानजी की तरह अपनी सोई हुई सामूहिक शक्ति को पहचानना होगा। जागृत, संगठित और अनुशासित समाज ही हर चुनौती का सामना कर सकता है। आरएसएस की स्थापना समाज को जगाने हुई।

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भारत का परम वैभव

भारत मृत्युंजय समाज के लिए खड़ा है। देश की अंतर्रात्मा का गुण समझें। विश्व में देश का गौरव बढ़ा। भारत के परम वैभव और विकास के लिए और संघ के सेवा कार्यों का कोई फुल स्टॉप नहीं। हम विजयी समाज हैं, संकट में एक होते हैं।

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दादागिरी नहीं मानवता की सेवा

भारत का शक्तिशाली होना दुनिया पर दादागिरी के लिए नहीं बल्कि मानवता की सेवा के लिए होगा। हमार का मूल मंत्र 'वसुधैव कुटुंबकम' है। हमारी 5 हजार साल की सभ्यता ने शांति-सद्भाव का रास्ता दिखाया।

पर्यावरण संरक्षण

पंच परिवर्तन की चर्चा के साथ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। कहा-अगली पीढ़ी के लिए पानी,जंगल, मिट्टी और पहाड़ देना हमारी जिम्मेदारी है।

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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