LNIPE में बढ़ी रार, कुलपति के खिलाफ 18 शिक्षकों ने खेल मंत्री को भेजा ई-मेल

ग्वालियर। लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) में दस दिन से जारी छात्र आंदोलन के बीच अब फैकल्टी और कुलपति के बीच भी टकराव के हालात बन गए हैं। धरना दे रहे छात्रों से संवाद में जुटे 17-18 शिक्षकों ने कुलपति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संस्थान के अध्यक्ष एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को ई-मेल भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
जब छात्र नहीं रहेंगे तो प्रमाण किस काम का
फैकल्टी का कहना है कि कुलपति ने आंदोलनकारी छात्रों से हुई बातचीत की लिखित रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में मांगी है। साथ ही थ्योरी कक्षाओं में पढ़ाने के फोटो ग्राफिक और दस्तावेजी प्रमाण देने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों ने ई-मेल में कहा कि वे पहले दिन से धरना स्थल पर छात्रों को समझा रहे हैं, ऐसे में फोटो के जरिए प्रमाण मांगना उनके आचरण पर संदेह जैसा है। उनका सवाल है कि जब कक्षाओं में छात्र ही मौजूद नहीं हैं तो हाजिरी या पढ़ाने का प्रमाण किस काम का है।
ये भी पढ़ें: सोहागपुर में UGC नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवर्ण समाज का प्रदर्शन, मशाल जुलूस निकालकर सौंपा ज्ञापन
1200 छात्रों ने मौन जुलूस निकाला
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कुछ फैकल्टी सदस्यों के नाम मंत्रालय भेजकर उन पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए उचित प्रक्रिया से जांच की मांग की। साथ ही प्रशासन और फैकल्टी के बीच विश्वास बहाली तथा छात्रों के आंदोलन के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हस्तक्षेप मांगा। उधर, शुक्रवार को करीब 1200 छात्रों ने मौन जुलूस निकालकर रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग दोहराई। धरना दसवें दिन भी जारी रहा।
मेरे कार्यालय में मेल नहीं आया
मेल मेरे कार्यालय में नहीं आया, इसलिए मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
-यतेंद्र सिंह, प्रभारी रजिस्ट्रार
ये भी पढ़ें: वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा में एक हजार युवा 10 राज्यों के 20 मार्गों से गुजरेंगे




















