MP Weather Update : प्रदेश में 5 वेदर सिस्टम एक्टिव, 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 3 दिनों तक हैवी रेन की संभावना

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के चलते हालात बिगड़ने लगे हैं। मौसम विभाग (IMD) ने 4, 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 31 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के साथ चेतावनी दी गई है कि जलभराव, बिजली आपूर्ति में बाधा और सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
ग्वालियर-चंबल संभाग में सबसे ज्यादा असर
4 अगस्त को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4.5 इंच तक पानी गिर सकता है।
उत्तर प्रदेश की यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने का असर एमपी के चित्रकूट तक पहुंचा है, जहां मंदाकिनी नदी उफान पर है। रामघाट पर मंदिरों और 100 से ज्यादा दुकानों में पानी भर गया है।
ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना बारिश की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इससे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है, जो बारिश को बढ़ा रही है। अगले 72 घंटे में इस सिस्टम का असर और तेज हो सकता है।
5 अगस्त को 31 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
5 अगस्त को ग्वालियर, मुरैना और भिंड में भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। साथ ही प्रदेश के लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
6 अगस्त को भी नहीं मिलेगी राहत
6 अगस्त को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में फिर भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, पन्ना जैसे जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
खेतों में भरा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
जबलपुर, रीवा और सागर संभाग में पहले ही बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। जबलपुर में हजारों एकड़ में धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरा होने से किसान परेशान हैं। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने से जलनिकासी नहीं हो पा रही है।
बेतवा, नर्मदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ा
रायसेन में बेतवा नदी विकराल रूप ले चुकी है। कई पुल और मंदिर जलमग्न हैं। वहीं नर्मदा नदी में भी उफान जारी है, जिससे डैम के गेट खोलने पड़े हैं। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से चित्रकूट का रामघाट जलमग्न हो गया है।
अब तक कितनी बारिश हुई?
- पूरे प्रदेश में अब तक औसतन 28.4 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य 19 इंच होती है। यानी 9.4 इंच अधिक।
- ग्वालियर, टीकमगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, राजगढ़, गुना और श्योपुर जैसे जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।
- इंदौर और उज्जैन में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है।
- भोपाल और जबलपुर में सीजन की करीब आधी बारिश ही अब तक हुई है।
बड़े शहरों में तापमान और बारिश का हाल
भोपाल: अधिकतम 30.4°C, अब तक 50% बारिश
इंदौर: अधिकतम 29.8°C, सबसे कम बारिश
ग्वालियर: अधिकतम 30°C, बारिश का रिकॉर्ड टूटा
जबलपुर: अधिकतम 29.5°C, किसानों को नुकसान
उज्जैन: सबसे अधिक तापमान 30.5°C
इतिहास में दर्ज बारिश के रिकॉर्ड
- भोपाल में अगस्त 2006 में सबसे अधिक 35 इंच बारिश
- इंदौर में 1944 में अगस्त में 28 इंच बारिश
- ग्वालियर में 1927 में 24 घंटे में 8.5 इंच
- जबलपुर में 1923 में अगस्त में 44 इंच
- उज्जैन में 2006 में अगस्त में 35 इंच
सरकार और प्रशासन सतर्क
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राहत टीमें अलर्ट पर हैं और जलभराव वाले क्षेत्रों में नजर बनाए हुए हैं। किसानों, यात्रियों और आम जनता को मौसम अपडेट चेक करते रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।











