Shivani Gupta
19 Jan 2026
Aakash Waghmare
19 Jan 2026
Manisha Dhanwani
19 Jan 2026
Garima Vishwakarma
19 Jan 2026
Manisha Dhanwani
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Naresh Bhagoria
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नई दिल्ली। भारत और रूस की दोस्ती एक बार फिर नए मुकाम पर पहुंच गई है। दिल्ली में हुई जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रिश्ते को ध्रुव तारे की तरह अडिग बताया। वहीं राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को बिना रुकावट तेल की सप्लाई जारी रखने का बड़ा ऐलान किया। भले ही किसी बड़े डिफेंस डील की घोषणा नहीं हुई, लेकिन शिपबिल्डिंग से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स तक दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगी है। ये घोषणाएं आने वाले समय में भारत-रूस व्यापार और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने वाली हैं।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन दो दिवसीय भारत दौरा समाप्त करने के बाद स्वदेश के लिए रवाना हो गए। वह राष्ट्रपति भवन में शाही डिनर के बाद सीधे पालम एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से मॉस्को के लिए रवाना हुए। इस दौरान एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर मौजूद रहे।
राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित डिनर समाप्त हो गया है। डिनर के बाद राष्ट्रपति पुतिन राष्ट्रपति भवन से रवाना हो गए हैं। कुछ देर बाद वे अपने देश के लिए रवाना होंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर औपचारिक स्वागत किया गया। पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तरफ से उनके सम्मान में आयोजित भोज में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन के दौरे से भारत-रूस संबंधों में मजबूती आएगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह विचार साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन डिनर के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंच गए है। पुतिन के सम्मान में यहां डिनर का आयोजन किया गया है। पुतिन के पहुंचने पर राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु ने उनका स्वागत किया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में डिनर हो रहा है। रूसी प्रतिनिधिमंडल डिनर के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंच गया है। पुतिन थोड़ी देर में राष्ट्रपति भवन पहुंचने वाले हैं। डिनर में भारतीय और रूसी व्यंजन परोसे जाएंगे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
बिजनेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति का संचालन कर रहा है और साथ ही बहुत अच्छे परिणाम भी हासिल कर रहा है। आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों और 'मेक इन इंडिया' जैसे ऐतिहासिक पहल के कारण भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनता जा रहा है। भारत का आईटी और फार्मास्युटिकल क्षेत्र दुनिया में अग्रणी स्थान रखता है। पुतिन ने कहा कि रूस और भारत दशकों से विश्वसनीय व्यापारिक साझेदार रहे हैं। हमारा द्विपक्षीय व्यापार स्थाई गति से बढ़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में तो इसमें रिकॉर्ड 80 फीसदी तक की वृद्धि देखी गई है। पिछले साल रूस-भारत व्यापार का आंकड़ा 64 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। रूस और भारत दोनों के पास विशाल उपभोक्ता बाजार हैं। एक बार फिर मैं यह जोर देकर कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत पूरी तरह स्वतंत्र और संप्रभु नीति का संचालन कर रहा है, और साथ ही आर्थिक क्षेत्र में बेहद शानदार परिणाम भी हासिल कर रहा है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में कहा कि उनकी टीम सिर्फ तेल और गैस पर बात करने या सौदे करने के लिए भारत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ हर क्षेत्र में रिश्ते और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार निजी बातचीत में कहा है कि भारत में कई सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन दोनों देशों ने इनका पूरा फायदा अभी तक नहीं उठाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंधों की सबसे बड़ी शक्ति ताकत ये है कि ये हमारे साझा प्रयासों को दिशा और गति देती हैं। यही वो लॉन्चपैड है, जो हमें नए सपनों और नई आकांक्षाओं की उड़ान भरने के लिए प्रेरित करती है। पिछले साल पुतिन और मैंने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा था लेकिन कल पुतिन से हमारी जो बातें हो रही हैं, जिससे संभावना नजर आ रही है कि हम उस लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने के संकल्प से आगे बढ़ रहे हैं। हमारी ऊर्जा और इनोवेशन और महत्वाकांक्षाएं हमारे संयुक्त भविष्य को आकार दे रही हैं। बीते 11 वर्षो में भारत ने जिस तरह से बदलाव किए हैं, वो अभूतपूर्व है। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत पर चलते हुए भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। हम ना थके हैं, ना रुके हैं, हमारे संकल्प पहले से ज्यादा मजबूत हैं। हम लक्ष्य की दिशा में बड़े आत्मविश्वास के साथ बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। हमने जीएसटी में रिफॉर्म किए हैं, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिल सके। दोनों देशों के बीच टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे संकल्प पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं। भारत और रूस के बीच फ्री ट्रेड पर चर्चा हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और हमने पिछले साल दोनों देशों के द्विपक्षीय कारोबार को 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन हम इस संकल्प को समय से पहले पूरा करने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी भारतीय सहयोगियों का रूसी प्रतिनिधिमंडल को मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए दिल से धन्यवाद करता हूं। मैं प्रधानमंत्री मोदी का उनके निवास पर कल आयोजित डिनर के लिए भी आभार व्यक्त करता हूं।
पुतिन ने स्पष्ट किया कि, रूस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की आपूर्ति बिना किसी रुकावट और लगातार जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि, दोनों देश राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान निपटान की दिशा में बड़ी प्रगति कर चुके हैं और अब 96% वाणिज्यिक लेन-देन राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहे हैं। यह बयान ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को लेकर भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, इस साल अक्टूबर में काल्मिकिया में आयोजित इंटरनेशनल बौद्ध फोरम में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह सांस्कृतिक जुड़ाव हमारी साझेदारी को और मजबूत करता है। उन्होंने आगे बताया कि, भारत जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और 30 दिन का ग्रुप टूरिस्ट वीजा शुरू करने जा रहा है, जिससे द्विपक्षीय यात्राएं और संपर्क बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि, आने वाले वर्षों में भारत-रूस की अटूट दोस्ती दोनों देशों को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की और अधिक शक्ति देगी। आपसी विश्वास हमारे साझा भविष्य को और समृद्ध बनाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि, पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर हुआ बर्बर वारदात, दोनों घटनाओं की जड़ एक जैसी है। भारत का मानना है कि आतंकवाद मानवता पर सीधा प्रहार है।
पीएम मोदी ने जोर दिया कि, आतंकवाद से मुकाबले में वैश्विक एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि, भारत और रूस का UN, G20, BRICS, SCO और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर घनिष्ठ सहयोग रहा है। आगे भी इन मंचों पर संवाद व साझेदारी को मजबूत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी कि, भारत और रूस, यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि, दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाना प्राथमिकता है और इसी लक्ष्य के तहत 2030 तक का आर्थिक सहयोग कार्यक्रम तय किया गया है। पीएम मोदी ने यह भी बड़ा ऐलान किया कि रूसी नागरिकों के लिए भारत 30 दिनों की वैधता वाला फ्री ई-टूरिस्ट वीजा शुरू करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यूक्रेन मुद्दे पर भारत की भूमिका शुरू से ही स्पष्ट रही है, हम शांति के पक्षधर हैं। इस संकट के शांतिपूर्ण और दीर्घकालिक समाधान के लिए किए जा रहे हर प्रयास का भारत स्वागत करता है। देश ने अब तक रचनात्मक भूमिका निभाई है और भविष्य में भी शांति की दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार रहेगा।
23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, पिछले आठ दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव, संकट और बदलाव देखे हैं। मानवता ने कई कठिन दौरों का सामना किया है। लेकिन इन सब परिस्थितियों के बीच भारत और रूस की मित्रता ध्रुव तारे की तरह स्थिर, मजबूत और भरोसेमंद बनी रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ऊर्जा सुरक्षा भारत-रूस साझेदारी का एक मजबूत और अहम स्तंभ रही है। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में हमारा दशकों पुराना सहयोग हमारी साझा स्वच्छ ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। हम इस विन-विन साझेदारी को आगे भी बढ़ाते रहेंगे।
उन्होंने आगे कहा, क्रिटिकल मिनरल्स में हमारा सहयोग वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और विविध सप्लाई चेन सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह स्वच्छ ऊर्जा, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नई उभरती इंडस्ट्रीज में हमारी साझेदारी को और मजबूत बनाएगा।
शिपबिल्डिंग सहयोग पर पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा, शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में हमारी गहरी साझेदारी मेक इन इंडिया को और मजबूती देती है। यह हमारे विन-विन मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो रोजगार, कौशल विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति देगा।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “पंद्रह साल पहले 2010 में हमारी साझेदारी को स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था। पिछले ढाई दशकों में राष्ट्रपति पुतिन ने अपने नेतृत्व और दूरदर्शी विजन के जरिए इस रिश्ते को लगातार मजबूत किया है। हर परिस्थिति में उनका नेतृत्व हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले गया है।
पीएम मोदी ने आगे कहा, मैं राष्ट्रपति पुतिन अपने मित्र का भारत के प्रति उनकी गहरी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता के लिए हृदय से धन्यवाद करता हूं।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-रूस के बीच कई अहम समझौतों का आदान-प्रदान किया। ये समझौते दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
ये सभी समझौते भविष्य में दोनों देशों के आर्थिक, सामरिक और सामाजिक सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, दुनिया ने कोविड-19 से लेकर आज तक कई तरह के संकटों का सामना किया है, लेकिन वह आशावान हैं कि वैश्विक चुनौतियां जल्द ही पीछे छूट जाएंगी। पीएम मोदी ने कहा, मुझे भरोसा है कि आज हम कई अहम वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। भारत और रूस के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना समय की जरूरत है और हमें साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेना चाहिए। इसी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हम इस बैठक को आगे बढ़ा रहे हैं। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।
भारत-रूस रिश्तों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, 2001 में आपके पदभार संभालने और पहली बार भारत आने के बाद आज 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। आपकी उसी पहली यात्रा ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव रखी थी। मुझे खुशी है कि, आपके साथ मेरा व्यक्तिगत जुड़ाव भी 25 साल पुराना है।
हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत के दौरान पुतिन ने यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए भारत की पहल की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, भारत तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में खड़ा है।
पीएम मोदी ने आगे कहा, पुतिन की यह यात्रा ऐतिहासिक है। यूक्रेन संकट पर लगातार संवाद हुआ। हमें शांति के मार्ग को अपनाना चाहिए, क्योंकि यही विश्व के कल्याण का रास्ता है। हम शांति के हर प्रयास के साथ हैं और विश्वास है कि दुनिया जल्द ही चिंताओं से मुक्त होकर शांति की दिशा में लौटेगी। रूस भी शांति का पक्षधर है। हमें शांतिपूर्ण समाधान के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए और हर क्षेत्र में संबंधों को आगे बढ़ाना चाहिए।
हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो चुकी है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, उन्हें भरोसा है कि रूस और यूक्रेन जल्द ही शांति के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत न्यूट्रल नहीं, बल्कि दृढ़ता से शांति के पक्ष में खड़ा है। पुतिन के भारत दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच यह महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय चर्चा कई अहम मुद्दों पर केंद्रित है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंच गए हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां दोनों नेता 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। जिसमें व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होगी।
राष्ट्रपति पुतिन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने के बाद वे हैदराबाद हाउस के लिए रवाना हो गए, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया था और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राजघाट पहुंच गए हैं, जहां वे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इस दौरान भारतीय अधिकारियों का दल भी उनके साथ मौजूद है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करने के बाद अब राजघाट के लिए रवाना हो गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और औपचारिक विदाई दी। राजघाट पहुंचकर पुतिन महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पुतिन को 21 तोपों की सलामी दी गई। जिसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंच चुके हैं। कुछ ही देर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी राष्ट्रपति भवन में पहुंचेंगे, जहां उनका औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर किया जाएगा। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, सीडीएस जनरल अनिल चौहान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद हैं।
पुतिन 4 दिसंबर की शाम भारत पहुंचे। पिछली बार वे 2021 में आए थे। इस बार उनका आगमन ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाने के बाद वैश्विक राजनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे माहौल में पुतिम का दौरा भारत-रूस रणनीतिक रिश्तों की स्थिरता और भरोसे को दर्शाता है। भारत और रूस लगभग 80 साल पुरानी साझेदारी साझा करते हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच बहु-क्षेत्रीय सहयोग को और आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

हैदराबाद हाउस में PM मोदी और पुतिन के बीच 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता होगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा-
1. रक्षा सहयोग
विशेषज्ञों के मुताबिक रूस भारत को कई क्षेत्रों में नो-रिस्ट्रिक्शन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर देने के लिए तैयार है।
2. न्यूक्लियर एनर्जी और SMR डील
रोसाटॉम के साथ Small Modular Reactor (SMR) समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना है। इसके अलावा कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट विस्तार पर भी चर्चा होगी।
3. आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा
यह लगभग 28 घंटे की हाई-प्रोफाइल यात्रा होगी।
प्राइवेट डिनर के बाद PM मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित ‘भगवद गीता’ की प्रति भेंट की। यह सांस्कृतिक जुड़ाव का एक प्रतीकात्मक और महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पूर्व राजनयिक वीना सीकरी के अनुसार, मोदी का एयरपोर्ट जाकर स्वागत करना खुद में बहुत बड़ा संदेश है। रक्षा सहयोग इस यात्रा की सबसे अहम कड़ी होगी। रूस की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर तैयारियों से भारत के भविष्य के सामरिक प्रोजेक्ट मजबूत होंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार विस्तार भी इस यात्रा का मुख्य बिंदु है।
वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को भी पुतिन के सम्मान में समर्पित किया गया। घाट पर दीयों से ‘Welcome Putin’ लिखा गया, और भारत-रूस की अटूट मित्रता के लिए प्रार्थना हुई। दिल्ली के पालम एयरबेस पर भी पुतिन का बेहद भव्य स्वागत किया गया, जहां PM मोदी ने गर्मजोशी से उनका आलिंगन किया।

PM मोदी ने X पर लिखा कि, अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का दिल्ली में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। हमारी मुलाकातें दोनों देशों को बहुत लाभ पहुंचाएंगी।
रूस के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया।