Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
भोपाल। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladamir Putin) के भारत दौरे को ध्याम में रखते हुए नर्मदापुरम जिले के सुपरली गांव के किसान योगेंद्र सिंह सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अनूठी कलाकृति बनाई है। सोलंकी ने यह कलाकृति अनाजों से बनाई है। किसान और खेती से जुड़े नए-नए प्रयोग करने वाले किसान योगेंद्र सिंह ने दुनिया में अन्न के महत्व और सुरक्षा का दायित्व बोध कराने के लिए यह कलाकृति बनाई है। उनकी इस कलाकृति की प्रदेशभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने पुतिन (Vladamir Putin) को संबोधित एक पत्र भी लिखा है जो वे रूसी दूतावास भेजेंगे।

सोलंकी की कृति में धान, बाजरा, तिल, रागी, चावल, कुल्थी और खसखस सहित अनेक भारतीय अनाजों का उपयोग किया गया है। सोलंकी बताते हैं कि भारत प्राचीनकाल से ही अन्न उत्पादन में अग्रणी रहा है, और वे इसी अन्न–संस्कृति का संदेश दुनिया के शक्तिशाली देशों तक पहुंचाना चाहते हैं। सोलंकी का कहना है कि वे कलाकृति और पत्र रूसी दूतावास, प्रधानंत्री कार्यालय भारत और अन्य संबंधित संस्थाओं को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

किसान सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र में लिखा है कि श्रीमद्भगवद्गीता के तीसरे अध्याय के 14वें श्लोक में अन्न के महत्व का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसी प्रेरणा से वे कई वर्षों से देश और दुनिया की प्रमुख हस्तियों के अनाज से बने चित्र तैयार कर रहे हैं। उनका उद्देश्य खाद्य–सुरक्षा की वैश्विक अनिवार्यता और परमाणु शक्तियों की विनाशकारी संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
योगेंद्र सिंह सोलंकी प्रयोगधर्मी किसान हैं। इससे पहले योगेंद्र किसान देवता की पूजा का अभियान दिल्ली जाकर चला चुके हैं। वे एक बार किसान देवता की मूर्ति दिल्ली ले जा चुके हैं। इसके साथ ही करीब 20 साल पहले वे गोकाष्ठ से होलिका दहन का प्रयोग शुरू कर चुके हैं। योगेंद्र सिंह का गांव नर्मदापुरम जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर डोलरिया ब्लॉक में स्थित है। उनके प्रयोगों के चलते सुपरली गांव का नाम प्रदेशभर में चर्चित रहता है। वे अपनी कृलाकृतियों की प्रदर्शनी से इतना धनसंग्रह करना चाहते हैं, जिससे बोरवेल में गिरे बच्चों को निकलाने के लिए कोई मशीन खरीद सकें।