भोपाल। मप्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में किसान कांग्रेस की बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसान कांग्रेस हमारे संगठन की महत्वपूर्ण इकाई है। किसान वर्तमान में खाद,बीज,नकली दवाई इत्यादि से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मोहन सरकार की प्राथमिकता में किसान नहीं है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 में विधानसभा का घेराव किसानों के नेतृत्व में किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की 75 फीसदी जनता कृषि पर निर्भर है, इसलिए इस संगठन का विस्तार ब्लॉक स्तर से पंचायत स्तर तक किया जाए। प्रत्येक पंचायत में पंचायत अध्यक्ष की नियुक्ति की जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला एवं ब्लॉक स्तरीय यूनिटों को और अधिक सक्रिय तथा परिणाममुखी बनाकर पंचायत स्तर तक लेकर जाया जाए, ताकि किसान कांग्रेस की पकड़ ग्रामीण क्षेत्रों में और मजबूत हो। गांव-गांव, गली-गली किसानों की समस्याओं को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर उन्हें आगामी रणनीति का आधार बनाया जाए।
संगठन ने निर्णय लिया कि आरटीआई के प्रभावी उपयोग से कृषि संबंधी विभागों और योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार की परतें उजागर की जाएं तथा इन सूचनाओं को संगठनात्मक कार्ययोजना में शामिल किया जाए। डिजिटल माध्यमों के जरिए कांग्रेस की किसान-केंद्रित नीतियों और संदेशों को सीधे खेतों तक पहुंचाया जाए, ताकि जनसंपर्क अधिक प्रभावी तरीके से स्थापित हो सके।
किसान कांग्रेस नेताओं ने बताया कि दिल्ली में प्रस्तावित 14 दिसंबर के अखिल भारतीय अधिवेशन की तैयारी एवं उसमें किसान कांग्रेस की सक्रिय भागीदारी पर विशेष चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान द्वारा की गई। बैठक में पूर्व मंत्रीगण सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, लाखन सिंह यादव, पूर्व किसान कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक बाबू जंडेल, पंकज उपाध्याय, सेवादल अध्यक्ष अवनीश भार्गव, पुनीत टंडन, राष्ट्रीय किसान कांग्रेस के पदाधिकारी कुलदीप पटेल भी उपस्थित रहे।