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MP Vidhan Sabha :Cough Syrup से बच्चों की मौत के लिए श्री सन फार्मा जिम्मेदार, बच्चों के इलाज पर 1 करोड़ खर्च

प्रदेश में कोल्डरिफ (Coldrif) कफ सिरप (Cough Syrup)  पीने के बाद बच्चों की मौत होने के मामले में विधानसभा में सरकार ने जवाब दिया है। सरकार ने दो विधायकों के प्रश्नों के जवाब में बताया कि बच्चों की मौत के लिए सिरप बनाने वाली कंपनी श्री सन फार्मा जिम्मेदार है।
Cough Syrup से बच्चों की मौत के लिए श्री सन फार्मा जिम्मेदार, बच्चों के इलाज पर 1 करोड़ खर्च
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रदेश में कफ सिरप (Cough Syrup) पीने के बाद तबीयत बिगड़ने से 24 बच्चों की मौत हुई है। ये बच्चे छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा जिले के थे। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेद्र शुक्ल ने बतायाकि सितंबर, 2025 से लेकर आज तक राज्य में कोल्डरिफ (Coldrif) कफ सिरप से कुल 24 बच्चों की मृत्यु दर्ज हुई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि राज्य में स्थित ओरल लिक्विड निर्माता फर्मों की सीडीएससीओ एवं राज्य के औषधि निरीक्षकों के साथ संयुक्त रूप से जांच करवाई जा रही है।

    सितंबर के बाद से की जा रही जांच-शुक्ल 

    स्वास्थ् मंत्री ने बताया कि 4 सितंबर के बाद प्रदेश भर में बिक रही अन्य सिरप एवं बाल औषधियों की जांच भी करवाई जा रही है। मृत्यु संबंधी प्रकरण में मूलरूप ने जबाबदारी तमिलनाडु राज्य स्थित श्रीसन फार्मा की है, जिसकी निगरानी का दायित्व तमिलनाडु सरकार के औषधि विभाग का था। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि बच्चों के इलाज एवं दवाओं में लगी राशि रुपए 1,40, 60, 899 का भुगतान कर दिया गया है।

    कंपनी के उत्पादों को फ्रीज किया- स्वास्थ्य मंत्री

    कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीक के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कोल्डरिफ (Coldrif) सिरप की अवमानक दवा वितरण हेतु मूलरूप से तमिलनाडु राज्य स्थित श्रीसन फार्मा जवाबदार है। कंपनी के उत्पादों को फ्रीज कर विक्रय रोके जाने की कार्यवाही की गई है। दवाओं की निर्माण प्रकिया एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु निर्माता कंपनी जवाबदार होती है। मध्यप्रदेश में दवाइयों की जांच के लिए कुल तीन औषधि परीक्षण प्रयोगशाला कार्यशील है एवं कुल 79 औषधि निरीक्षक मध्यप्रदेश में विभिन्न जिलों में पदस्थ है। देश/प्रदेश के विभिन्न राज्यों के औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा अनुमति प्राप्त औषधि देश भर के बाजार में विक्रय हेतु उपलब्ध रहती है।

    हर साल 6500 सैंपल जांचने की क्षमता

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लैब की क्षमता लगभग 6500 सैंपल प्रति वर्ष अनुसार दवाओं का टेस्ट किया जाता है। मध्यप्रदेश के अंदर कोल्डरिफ सिरप का विक्रय एवं वितरण तमिलनाडु राज्य द्वारा प्रदत्त लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप किया जाना अनुज्ञात है। अतः विक्रय के पूर्व प्रदेश की लैब से अनुमति प्राप्त करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। बाजार में उपलब्ध समस्त औषधियों में से लैब की क्षमता अनुसार सैंपल लिये जाकर टेस्ट किए जाते है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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