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महान फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी को देखने का सपना लेकर हजारों प्रशंसक शनिवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे थे। लेकिन यह खुशी का मौका जल्द ही अफरा-तफरी और हंगामे में बदल गया। खराब इंतजाम के चलते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को सख्ती करनी पड़ी और मुख्य आयोजक को हिरासत में लेना पड़ा।
मेसी करीब 14 साल बाद भारत आए थे। इससे पहले वह 2011 में कोलकाता आए थे। इस बार उनका दौरा तीन दिनों का था, जिसकी शुरुआत कोलकाता से हुई। यह आयोजन फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में से एक के सम्मान में रखा गया था, लेकिन सही योजना और नियंत्रण की कमी ने पूरे कार्यक्रम को बिगाड़ दिया।
प्रशंसकों ने 4,500 से लेकर 10,000 रुपए तक के टिकट खरीदे थे, जबकि ब्लैक में टिकटों की कीमत 20,000 रुपए से भी ज्यादा थी। सुबह से ही लोग स्टेडियम पहुंचने लगे थे। करीब 50 हजार दर्शक मौजूद थे, लेकिन मेसी मैदान पर कुछ ही देर के लिए आए और आयोजकों व वीआईपी लोगों की भीड़ में घिर गए। आम दर्शक उन्हें ठीक से देख भी नहीं पाए।

जैसे ही यह खबर फैली कि मेसी समय से पहले स्टेडियम छोड़ रहे हैं, दर्शकों का गुस्सा फूट पड़ा। बोतलें और प्लास्टिक की कुर्सियां फेंकी गईं, बैनर और होर्डिंग फाड़ दिए गए। कई जगह बैरिकेड तोड़ने की कोशिश हुई और कुछ दर्शक मैदान में घुस आए।
यह भी देखें: मेसी इवेंट हंगामे के बाद ममता बनर्जी ने जनता से मांगी माफी
हालात बेकाबू होते देख पुलिस को रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) बुलानी पड़ी। भीड़ को काबू में करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ समय के लिए स्टेडियम में डर और अराजकता का माहौल बन गया।
इस हंगामे के चलते कार्यक्रम को अचानक रोकना पड़ा। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई आमंत्रित मेहमान योजना के अनुसार कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

घटना के कुछ घंटों बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कुप्रबंधन पर दुख जताया और प्रशंसकों से माफी मांगी। उन्होंने एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने की घोषणा की। इस समिति की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस आशीष कुमार राय करेंगे। समिति यह जांच करेगी कि गलती कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाएं कैसे रोकी जा सकती हैं।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस दिन को कोलकाता के खेल प्रेमियों के लिए ‘काला दिन’ बताया और आयोजकों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। वहीं, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार ने कहा कि आयोजकों की भूमिका की जांच की जा रही है और उन्होंने टिकट के पैसे लौटाने का लिखित वादा किया है।
मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता को कोलकाता एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया, जहां वह मेसी को विदा करने पहुंचे थे। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
फुटबॉल संस्कृति पर गर्व करने वाले कोलकाता के लिए यह दिन बेहद दर्दनाक रहा। टूटी कुर्सियां, फटे बैनर और नाराज प्रशंसक इस बात की गवाही दे रहे थे कि जो दिन यादगार बनना था, वह एक बुरे सपने में बदल गया।