Shivani Gupta
31 Jan 2026
धर्म डेस्क। आज 10 अक्टूबर, 2025 को पूरे देशभर में करवा चौथ का व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सुहागिनें पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। रात में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। इस दिन का हर पल सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखता है, इसलिए वे बड़े बेसब्री से चांद के निकलने का इंतजार करती हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल करवा चौथ की तिथि 9 अक्टूबर की रात 10:54 से 10 अक्टूबर की शाम 7:38 तक रहेगी। उदिया तिथि के अनुसार व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा।
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर चांद निकलने का समय रात 8:14 है।
प्रमुख शहरों में चंद्रमा उदय का समय
मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी चंद्रमा के उदय का समय अलग-अलग है। सबसे पहले सिंगरौली में रात 8:02 बजे चंद्रमा दिखाई देगा और सबसे आखिरी में आलीराजपुर में रात 8:41 बजे।
सुबह सरगी खाएं: सूरज निकलने से पहले सरगी का सेवन करें।
स्नान और संकल्प: स्नानादि के बाद भगवान को याद करते हुए व्रत का संकल्प लें।
पूजा की तैयारी: चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करें। करवा माता की तस्वीर और घी का दीपक प्रज्वलित करें।
भोग अर्पित करें: चावल, जल, रोली, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें।
कथा सुनें: दोपहर या अभिजीत मुहूर्त में करवा चौथ की कथा सुनें।
शाम को पूजा: शुभ मुहूर्त (शाम 5:57 से 7:11 तक) में करवा माता की पूजा करें। हलवा-पूरी का भोग लगाएं।
चंद्रमा दर्शन: छन्नी से चंद्रमा देखें और पति का चेहरा भी देखें। पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलें।