Phalguna Month :फाल्गुन में क्या करें और क्या न करें...? पढ़ें ये वास्तु और पूजा नियम, घर में आएगी सुख-समृद्धि
2 फरवरी से फाल्गुन माह की शुरुआत हो रही है। यह महीना शिव भक्ति, राधा-कृष्ण पूजा, महाशिवरात्रि और होली के लिए विशेष माना जाता है। फाल्गुन में दान-पुण्य, दीया जलाना और सात्विक आहार शुभ फल देता है। जानें फाल्गुन में क्या करें और क्या न करें।
Publish Date: 2 Feb 2026, 4:54 PM (IST)Reading Time: 2 Minute Read
यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है। 2 फरवरी से फाल्गुन का महीना शुरू हो रहा है। यह महीना तीज-त्यौहार और भक्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। फाल्गुन में महाशिवरात्रि, होली जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। हिंदू धर्म में इसे भक्ति और पुण्य का मास कहा गया है। इस महीने में भगवान शिव, माता पार्वती और राधा-कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही चंद्र देव की उपासना भी फलदायी मानी जाती है।
भगवान शिव की पूजा
- फाल्गुन के प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
- सोमवार का व्रत रखें।
- ऐसा करने से महादेव की कृपा प्राप्त होती है।
- सावन के अलावा फाल्गुन मास भी भगवान शिव की भक्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
चंद्र देव की पूजा
- फाल्गुन में चंद्र देव की उपासना करें और चंद्र मंत्रों का जाप करें।
- यदि कुंडली में चंद्र कमजोर है, तो सफेद वस्तुएं दान करें।
- इससे चंद्र बलवान होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
राधा-कृष्ण की भक्ति
- फाल्गुन में बांके बिहारी और राधा रानी की भक्ति करें।
- बृज की धरती पर होली का उत्सव कई दिन पहले से शुरू हो जाता है।
- इस महीने में कृष्ण भक्ति करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम बना रहता है।
इन जगहों पर जलाएं दीया
- घर के मुख्य द्वार, रसोई, तुलसी और छत पर दीया जलाएं।
- इससे घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है।
पूजा-पाठ और दान-पुण्य
- फाल्गुन मास में दान-पुण्य करना बहुत लाभकारी है।
- ऐसा करने से घर में धन-धान्य बढ़ता है और खुशहाली बनी रहती है।
फाल्गुन माह में क्या करें
- सात्विक आहार ग्रहण करें।
- गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र दान करें।
- घर और पूजा स्थल की सफाई रखें।
- सकारात्मक सोच बनाए रखें और किसी के लिए अपशब्द न कहें।
फाल्गुन माह में क्या न करें
- तामसिक भोजन (मांस, शराब, अंडा, प्याज, लहसुन) से दूर रहें।
- होला-आष्टक (शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा) में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More