Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

माघ पूर्णिमा 2026 :रवि-पुष्य योग में करें ये खास 5 काम, चमकेगी आपकी किस्मत, जीवन में आएगी खुशहाली

माघ पूर्णिमा 2026, 1 फरवरी को पड़ रही है और इस दिन रवि-पुष्य योग बन रहा है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा, दान, सूर्य-चंद्र उपासना और मंत्र जप करने से जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं। सोना, चांदी, वाहन और जमीन जैसी खरीदारी भी इस दिन लाभकारी मानी जाती है।
Follow on Google News
रवि-पुष्य योग में करें ये खास 5 काम, चमकेगी आपकी किस्मत, जीवन में आएगी खुशहाली
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    माघ पूर्णिमा इस साल 1 फरवरी 2026 को पड़ रही है। इस दिन एक विशेष शुभ योग रवि-पुष्य योग भी बन रहा है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव और अधिष्ठाता देवता बृहस्पति हैं, इसलिए इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। जब यह नक्षत्र रविवार को पड़ता है, तो इसे रवि-पुष्य योग कहते हैं। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से किस्मत चमक सकती है और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी मिलता है।

    माता लक्ष्मी की पूजा करें

    माघ पूर्णिमा और रवि-पुष्य योग के दिन सूर्यास्त के बाद माता लक्ष्मी की पूजा करना बहुत शुभ होता है। पूजा के दौरान मंत्र 'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।

    इन चीजों की खरीदारी करना शुभ

    रवि-पुष्य योग में सोना, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, नया वाहन और जमीन खरीदने से लाभ मिलता है। माना जाता है कि इस दिन इन वस्तुओं की खरीदारी से जीवन में बरकत और समृद्धि आती है।

    सूर्य और चंद्रमा की उपासना

    इस दिन सूर्य और चंद्रमा की उपासना करने से जीवन के दुख दूर होते हैं। करियर में सफलता मिलती है और बिगड़े हुए काम भी बनने लगते हैं।

    दान-पुण्य करना

    माघ पूर्णिमा के दिन दान करना बहुत शुभ होता है। इस दिन आप गेहूं, गुड़, तिल, पीले रंग के भोज्य पदार्थ और पीले वस्त्र दान कर सकते हैं। दान करने से देवताओं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    मंत्र सिद्धि प्राप्त करें

    रवि-पुष्य योग और माघ पूर्णिमा का संयोग मंत्र सिद्धि के लिए उत्तम है। इस दिन अपने इष्ट देव के मंत्र या गायत्री मंत्र का जप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। ध्यान रखें, एक बार मंत्र का जप शुरू करने के बाद अगली पूर्णिमा तक रोज़ाना मंत्र जप करना जरूरी है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

    Latest Posts