मुंबई। पिछले सप्ताह यानी 18अगस्त से 23 अगस्त तक के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस अवधि में कुल 575 फंड्स में से 461 फंड्स ने सकारात्मक रिटर्न दर्ज किया। सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड्स ने करीब 4% तक का लाभ निवेशकों को पहुंचाया। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ऐसे समय में हुआ, जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिलाजुला रुझान देखने को मिला। डॉउ जोन्स इंडेक्स ने 1.60% की बढ़त दर्ज की, हैंगसेंग 0.64% चढ़ा, वहीं एसएंडपी 500 में 0.27% की बढ़त देखने को मिली। जर्मनी का डीएएक्स और बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स क्रमशः 0.19% और 0.04% तक चढ़ गए। इसके विपरीत, एनएसई के इंडेक्स निफ्टी-50 ने 0.02% और नैस्डैक ने 0.61% की गिरावट दर्ज की।
भारतीय म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन की बात करें तो, इस अवधि में सबसे अच्छा प्रदर्शन आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल स्ट्रैटेजिक मेटल एंड एनर्जी इक्विटी एफओएफ ने किया। इस फंड ने निवेशकों को 3.59% का रिटर्न दिया। इसके बाद मोतीलाल ओसवाल बिजनेस साइकिल फंड ने 3.12% का लाभ दिया। टेक्नॉलॉजी आधारित दो फंड्स कोटक टेक्नोलॉजी फंड और मोतिलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड ने 2.85% का रिटर्न दर्ज किया। इसी अवधि में पीजीआईएम इंडिया ग्लोबल सेलेक्ट रियल एस्टेट सिक्योरिटीज एफओएफ ने 2.75% का लाभ दिया। वहीं मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड के दो अन्य फंड्स मल्टी कैप फंड और एक्टिव मोमेंटम फंड ने क्रमशः 2.65% और 2.58% का रिटर्न दिया। छोटे शेयरों पर केंद्रित जेएम स्मॉल कैप फंड ने भी 2.54% का प्रदर्शन किया।
टेक्नोलॉजी सेक्टर के दो अन्य फंड्स आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल टेक्नोलॉजी फंड और आदित्य बिड़ला एसएल डिजिटल इंडिया फंड ने क्रमशः 2.50% और 2.45% का रिटर्न दिया। इसका मतलब है कि टेक सेक्टर पर आधारित म्यूचुअल फंड्स ने इस सप्ताह बेहतर प्रदर्शन किया और निवेशकों को अच्छा लाभ दिया। दूसरी ओर, सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले फंड्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़े थे। टॉप 21 लूजर्स सभी इंटरनेशनल फंड्स रहे, जिन्होंने 1.28% से लेकर 4.87% तक का नुकसान दिया। इसका अर्थ है कि वैश्विक स्तर पर कुछ बाजारों में दबाव देखने को मिला, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंड्स प्रभावित हुए। कुल मिलाकर, यह सप्ताह इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के लिए अच्छा साबित हुआ, खासकर भारत केंद्रित और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े फंड्स ने मजबूत प्रदर्शन किया।
हालांकि, इंटरनेशनल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों को इस दौरान नुकसान उठाना पड़ा। यह परफॉर्मेंस दिखाता है कि भारतीय इक्विटी बाजार अभी भी मजबूती दिखा रहे हैं, और सेक्टोरल फोकस वाले फंड्स, विशेष रूप से टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंडिया से जुड़े फंड्स, निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। इस हफ्ते के आंकड़े निवेशकों के लिए यह संकेत भी देते हैं कि सही समय और सेक्टर का चुनाव करके अल्पकालिक अवधि में भी अच्छे रिटर्न हासिल किए जा सकते हैं। लेकिन साथ ही, यह भी याद रखना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और बाजार की अस्थिरता निवेश पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसलिए, निवेश निर्णय लेते समय विविधता और जोखिम प्रबंधन को ध्यान में रखना निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा।