बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स में से एक सुनील शेट्टी हमेशा अपनी फिटनेस और डिसिप्लिन के लिए जाने जाते हैं। चाहे कोई रोल हो या बड़ा प्रोजेक्ट, उन्होंने कभी फिटनेस और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया फिटनेस और ईमानदारी उनके लिए पैसा या नाम से भी ऊपर हैं। इसी वजह से उन्होंने कभी भी अपने इमेज को खतरे में डालने वाले ऑफर स्वीकार नहीं किए।
सुनील ने बताया कि साल 2017 में उनके पिता वीरप्पा शेट्टी के निधन ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। पिता की देखभाल के कारण उन्होंने कई सालों तक काम से दूरी बनाई। सुनील कहते हैं, 2014 से मेरे पिता बीमार थे और मैं उनकी देखभाल में लगा हुआ था। उनकी मौत के बाद मैं पूरी तरह से टूट गया था। इतना ही नहीं, पिता के निधन के दिन ही उन्हें एक हेल्थ शो का ऑफर मिला। उन्होंने इसे भगवान का इशारा माना और एक्टिंग में वापसी कर साउथ की फिल्मों में काम किया। सुनील के अनुसार, लंबे ब्रेक के बाद सेट पर वापसी करना आसान नहीं था।
सुनील शेट्टी ने साफ कहा कि उन्होंने तंबाकू या ऐसे किसी प्रोडक्ट का प्रचार कभी नहीं किया। उन्होंने बताया कि उन्हें एक तंबाकू ब्रांड का 40 करोड़ रुपए का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया। सुनील का कहना हैं कि मैं पैसे के लालच में नहीं आ सकता। भले ही मुझे उस पैसे की जरूरत होती, लेकिन मैं अपनी इमेज और मूल्यों के लिए ऐसा कभी नहीं करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब किसी के पास उनके पास ऐसे ऑफर लेकर आने की हिम्मत नहीं होती।
सुनील शेट्टी मानते हैं कि भले ही वे आज के सिनेमा के हिसाब से पूरी तरह एक्टिव न हों, फिर भी युवा उन्हें अपना आइडियल मानते हैं। उन्होंने कहा, 17-18 साल के बच्चे मुझे अपना रोल मॉडल मानते हैं। मुझे इतना प्यार और सम्मान मिलता है कि मैं अपनी इमेज को किसी करोड़ों के लिए खतरे में नहीं डाल सकता।
आपको बता दें कि सुनील शेट्टी ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत 90 के दशक में की थी और जल्दी ही वह एक्शन फिल्मों के जाने- माने कलाकार बन गए। उनकी फिटनेस, डिसिप्लिन और ऑन‑स्क्रीन एनर्जी ने उन्हें भीड़ से अलग पहचान दी। ‘मोहरा’, ‘धड़कन’, ‘किल्लर’ जैसे फिल्मों ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। सुनील सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रहे- उन्होंने टीवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और फिटनेस‑संबंधित प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है।