क्या शिक्षा मंत्री की जाएगी कुर्सी?बंद कमरे में एक घंटे तक चली अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की बैठक

नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अहम बैठक ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि बैठक में मौजूदा हालात और छात्रों के आंदोलन पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि, बैठक में क्या फैसला लिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बैठक को लेकर बढ़ी अटकलें
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने मौजूदा स्थिति का पूरा जायजा लिया। बताया जा रहा है कि बैठक में छात्रों के प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई। CJP लगातार NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है। ऐसे में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से यह नहीं बताया गया है कि बैठक में किन-किन मुद्दों पर अंतिम फैसला हुआ या आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चर्चाएं तेज
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई पोस्ट और दावे वायरल हो रहे हैं। हालांकि, अब तक न तो धर्मेंद्र प्रधान और न ही केंद्र सरकार की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा देने वाले हैं। अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर इस्तीफे की खबरों की पुष्टि नहीं हुई है।
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दिल्ली में जारी है CJP का आंदोलन
उधर, दिल्ली में CJP का 'चलो संसद' मार्च लगातार जारी है। बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द बातचीत शुरू करनी चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संसद और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई जगह बैरिकेडिंग की गई है और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।











