PU Special :दशकभर की देरी से बिगड़ा तहसीलदारों का प्रमोशन चैनल, कई अधिकारी अब भी जॉइंट कलेक्टर की दौड़ में

विजय एस. गौर, भोपाल। इसके बाद भी पांच साल की अर्हता अवधि पूरी करने के बाद ही वे जॉइंट कलेक्टर बन सकेंगे। ऐसे में अपर कलेक्टर बनकर रिटायर होने का सपना अधर में है और पदोन्नति में हुई देरी का असर कई अधिकारियों के कॅरियर पर पड़ रहा है।
956 अधिकारियों का प्रमोशन चैनल गड़बड़ाया
वर्ष 2016 से प्रदेश में सरकारी महकमों में पदोन्नति ठप थी, जो जुलाई 2026 से शुरू हो सकी है। इससे राजस्व महकमे की बैक बोन कहे जाने वाले 956 नायब तहसीलदार और तहसीलदारों का प्रमोशन चैनल गड़बड़ा गया है। खासकर 2012 बैच से 2024 तक के बैच पदोन्नति नहीं मिलने से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।
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5 साल की अर्हता अवधि से कॅरियर पर असर
अर्हता काल पांच साल होने से डिप्टी कलेक्टर या तहसीलदार के पद पर पदोन्नति पाने वाले अधिकारी रिटायरमेंट की कगार पर पहुंच चुके हैं। जिन तहसीलदारों को कम से कम अपर कलेक्टर के पद से विदा होना था, वे डिप्टी कलेक्टर या ज्वाइंट कलेक्टर के पद से ही रिटायर हो जाएंगे। इससे पदोन्नति में हुई दशकभर की देरी का पूरा असर उनके कॅरियर पर पड़ेगा।
353 अधिकारी पहले ही हो चुके थे पदोन्नति के योग्य
कैडर के कुल 956 पात्र अधिकारियों में से 353 अधिकारी यानी 37 प्रतिशत ऐसे हैं, जो 2020 या उससे पहले ही पदोन्नति के योग्य हो चुके थे, लेकिन वर्षों तक इससे वंचित रहे। कार्यरत 241 तहसीलदारों में से 203 यानी लगभग 84 प्रतिशत वर्ष 2020 तक ही डिप्टी कलेक्टर बनने की न्यूनतम पांच साल की सेवा पूरी कर चुके थे।
नायब तहसीलदारों की भी लंबी कतार
2012-2015 बैच के 150 नायब तहसीलदार 2020 से पूर्व पात्र होने के बावजूद 2026 तक तहसीलदार पद का इंतजार करते रहे। पदोन्नति शुरू होने के बाद 190 तहसीलदार डिप्टी कलेक्टर बने, जबकि 190 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया गया। वहीं, 381 आरआई को नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति मिली है।
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5 के बजाय 1 साल किया जाए अर्हता काल
नायब तहसीलदार के 25 प्रतिशत पद पदोन्नति, 25 प्रतिशत विभागीय परीक्षा और 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाते हैं। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कई तहसीलदार रिटायर हो गए हैं और कई बिना ज्वाइंट कलेक्टर बने ही रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन के सामने पांच के बजाय एक साल अर्हता काल पूरा होने के बाद पदोन्नति का प्रस्ताव रखा जाएगा।




















