PU Special :समर्पण की मिसाल-बैरसिया के शिक्षक दिनेश शुक्ला ने 11 साल से नहीं ली गर्मी की छुट्टी, 300 गरीब छात्राओं की फीस कराते हैं माफ

रामचन्द्र पाण्डेय, भोपाल। बैरसिया के पीएमश्री शासकीय सरोजिनी नायडू कन्या उमावि में 2013 में पदस्थ वरिष्ठ शिक्षक दिनेश कुमार शुक्ला ने शिक्षण के साथ-साथ स्कूल को ही अपना घर बना लिया है। उन्होंने 11 साल से न तो कोई आकस्मिक अवकाश लिया है और न गर्मी की छुट्टी ही ली है। पीएम श्री स्कूल का जो परिसर आज हरा-भरा और साफ-सुथरा दिखता है, उसके पीछे शुक्ला की 11 साल की मेहनत है। अधोसंरचना विकास से लेकर हर पौधे तक में उनका पसीना लगा है। वे परीक्षा प्रभारी हैं और उनके कार्यकाल में परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत की ओर लगातार बढ़ रहा है। उनका सबसे बड़ा नवाचार है गरीब छात्राओं के लिए आर्थिक सहारा। वे हर साल 200 से 300 निर्धन छात्राओं की बोर्ड परीक्षा फीस माफ करवाते हैं, ताकि पैसे के कारण कोई बेटी शिक्षा से वंचित न रहे।
एक पेड़ मां के नाम को बनाया नोडल
इस वर्ष विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने उन्हें 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का नोडल बनाया। शुक्ला स्वयं 20 से 25 स्कूलों में जाकर पौधरोपण कर आए और अन्य प्रभारियों को प्रेरित किया। भोपाल जेडी द्वारा गुरुपूर्णिमा उत्सव का नोडल बनने पर उन्होंने पूरे बैरसिया में गुरुपूर्णिमा पखवाड़ा चलाया।
स्कूल ही मेरा मंदिर
मैं चाहता हूं कि हमारी शाला, हमारा विकासखंड बैरसिया और जिला भोपाल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करे। मेरा कोई व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है। स्कूल ही मेरा मंदिर है। जब तक एक भी बच्ची फीस के कारण पढ़ाई से वंचित है, तब तक मेरी छुट्टी नहीं है।
दिनेश शुक्ला, वरिष्ठ शिक्षक, पीएमश्री शास. सरोजिनी नायडू कन्या उमावि, बैरसिया, भोपाल
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