निशु आजाद केस पर बोले सौरव दास, हमें फिर से सड़कों पर उतरना पड़ा

सौरव दास ने कहा कि निशु के पिता संजय आजाद के सिर पर गंभीर चोट आई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि मामले में आईपीसी की धारा 307 क्यों नहीं लगाई गई। दास के मुताबिक, वे इसी मांग को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन गए थे और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
307, 308 और SC/ST एक्ट लगाने की मांग
दास ने दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में हत्या की कोशिश करने की बात स्वीकार की थी। उन्होंने धारा 308 को शामिल करने, एससी-एसटी एक्ट लगाने और स्वतंत्र भारद्वाज समेत अन्य आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना है कि पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
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चंद्रशेखर आजाद और पप्पू यादव भी पहुंचे
सौरव दास ने बताया कि उनके साथ सांसद चंद्रशेखर आजाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी पहुंचे थे। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अपनी कानूनी टीम भेजी और वकील उनके साथ मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल डीसीपी से मुलाकात कर राजधानी में ऐसी बर्बरता को अस्वीकार्य बताया।
ऑनलाइन धमकियों पर भी दर्ज कराई शिकायत
दास ने कहा कि निशु आजाद को स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों की ओर से मिल रही ऑनलाइन धमकियों की शिकायत भी दी गई है। इसमें जाति को निशाना बनाने वाली टिप्पणियां भी शामिल हैं और मांग की गई है कि शिकायत को एफआईआर में बदला जाए और पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट सहित संबंधित साइबर अपराध की धाराएं जोड़ी जाएं।




















