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ब्रिक्स के न्यायिक मंच पर भोपाल का जिक्र, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के जरिए सहयोग बढ़ाने पर जोर

ब्रिक्‍स देशों के मुख्‍य न्‍यायाधीशों का तीन का सम्‍मेलन आज नई दिल्ली में शुरू हुआ। CJI सूर्यकांत ने रूस, चीन, ईरान समेत 10 देशों के न्यायिक नेताओं से द्विपक्षीय बैठक की।
ब्रिक्स के न्यायिक मंच पर भोपाल का जिक्र, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के जरिए सहयोग बढ़ाने पर जोर
ब्रिक्स के न्यायिक मंच पर भोपाल का जिक्र

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीशों के मंच पर भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी का भी खास तौर पर जिक्र हुआ। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने विभिन्न देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में न्यायिक सहयोग को मजबूत करने और पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल की भूमिका पर जोर दिया।

ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीशों का मंच 4 से 6 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान समेत कई देशों के न्यायिक प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

भोपाल की राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी को लेकर हुई चर्चा

बैठकों के दौरान अलग-अलग देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रम बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसी संदर्भ में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल का उपयोग विभिन्न देशों के न्यायिक अधिकारियों के बीच अनुभव साझा करने और प्रशिक्षण के लिए किए जाने की बात सामने आई। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक सहयोग के लिए इसके उपयोग से भारत और दूसरे देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच संवाद को और मजबूत किया जा सकता है।

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व्यावसायिक विवादों के समाधान पर भी जोर

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने व्यावसायिक और कारोबारी विवादों के निपटारे के लिए मध्यस्थता और पंचाट जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि प्रभावी वाणिज्यिक न्यायालय और तेज न्यायिक प्रक्रिया विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही अलग-अलग देशों के न्यायिक फैसलों और आदेशों की पारस्परिक मान्यता, कानूनी प्रक्रियाओं में बेहतर तालमेल और न्यायिक सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कानून और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग

बैठकों में आधुनिक कानूनों से जुड़े मुद्दों पर द्विपक्षीय सम्मेलन आयोजित करने और अलग-अलग देशों के बीच कानूनी प्रक्रियाओं तथा सर्वोत्तम न्यायिक तौर-तरीकों का आदान-प्रदान बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। न्यायपालिका में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को लेकर भी विचार साझा किए गए। इसका उद्देश्य न्यायिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करना है।

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न्यायिक सहयोग के लिए साझा मंच का सुझाव

मुख्य न्यायाधीश ने व्यावसायिक विवादों के लिए पंचाट और मध्यस्थता का एक साझा मंच विकसित करने का सुझाव भी दिया। उनका कहना था कि ऐसे प्रयास विभिन्न देशों के बीच कारोबारी और न्यायिक संबंधों को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।

ब्रिक्स मंच में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान समेत साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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