छत्तीसगढ़ में नक्सली हथियार छोड़ बात करने को तैयार, सरकार से 1 महीने के लिए सीजफायर की मांग, प्रेस नोट वायरल

जगदलपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद को खत्म करने का ऐलान किया था। इसके बाद नक्सलियों के खिलाफ जनवरी 2024 से सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई थी। सरकार के इस ऑपरेशन से घबराए छत्तीसगढ़ में नक्सली हथियार छोड़ने को तैयार हो गए हैं। नक्सली संगठन CPI (माओवादी) ने शांति वार्ता की इच्छा जताते हुए हथियार छोड़ने की बात कही है।
नक्सली संगठन का वायरल प्रेस नोट
दरअसल, नक्सली संगठन CPI (माओवादी) के प्रवक्ता अभय का एख प्रेस नोट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह नोट 15 अगस्त का है। इस वायरल प्रेस नोट के अनुसार CPI (माओवादी) ने सशर्त रूप से हथियारबंद संघर्ष को अस्थाई रूप से रोकने और सरकार के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है।
नक्सलियों ने शांति वार्ता की जताई इच्छा
बटा दें कि, इस प्रेस नोट में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ लगातार हो रही मुठभेड़ों और नुकसान को देखते हुए पार्टी ने एक फैसला लिया है। वहीं, नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए सरकार के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। इनमें सबसे अहम शर्त यह है कि सरकार उन्हें एक महीने का समय दे ताकि वे देशभर की जेलों में बंद अपने साथियों के साथ बातचीत कर सकें और उन्हें इस फैसले के बारे में बता सकें।


वीडियो कॉल के जरिए विचारों का आदान-प्रदान का जिक्र
इसके साथ ही उन्होंने एक महीने के लिए सीजफायर यानी युद्ध विराम की भी मांग की है और यह भी कहा है कि इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बल उन पर किसी तरह का दबाव न बनाएं। नक्सलियों ने केंद्रीय गृह मंत्री या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधिमंडल के साथ वीडियो कॉल के जरिए विचारों का आदान-प्रदान करने को भी कहा है।
वायरल प्रेस नोट की जांच जारी
इस मामले में बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि फिलहाल वे इस प्रेस नोट की जांच कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि नक्सलियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत का फैसला सरकार ही लेगी।












