Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Manisha Dhanwani
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Manisha Dhanwani
2 Feb 2026
रायपुर। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में आज से Chhattisgarh Assembly Winter Session की औपचारिक शुरुआत हो गई। यह पहला मौका है जब छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र नए भवन में आयोजित किया जा रहा है। सत्र के पहले ही दिन राजनीति गरमा गई, जब कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। इसके साथ ही Chhattisgarh Assembly Winter Session के दौरान ‘नवा अंजोर विजन 2047’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
सरकार की ओर से वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विजन डॉक्यूमेंट को विकसित छत्तीसगढ़ का मजबूत रोडमैप बताया, वहीं विपक्ष ने इसे अधूरा और जमीनी हकीकत से दूर करार दिया। पहले दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका, लेकिन आने वाले दिनों में हंगामे के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।
सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों के बहिष्कार पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस अब एक डूबती हुई नाव बन चुकी है और उसका भविष्य तय है। उन्होंने यह भी कहा कि, भाजपा पूरी जिम्मेदारी के साथ राज्य को विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, ‘नवा अंजोर विजन 2047’ छत्तीसगढ़ के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस दस्तावेज है। इसे तैयार करने में समाज के हर वर्ग से सुझाव लिए गए हैं और करीब एक लाख लोगों की राय इसमें शामिल की गई है।
उन्होंने कहा कि, भारत एक युवा आबादी वाला देश है और स्पष्ट विजन के बिना आगे बढ़ना संभव नहीं। भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2047 तक 64 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखता है। इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी अलग विकास विजन तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि, इस विजन का मुख्य उद्देश्य महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी को कम करना है। इसके साथ ही शिशु मृत्यु दर में सुधार, कृषि उत्पादन बढ़ाने, उद्योग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर आधारित नीतियां लागू करने की योजना है। राज्य में राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव भी विजन का हिस्सा है।
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विजन डॉक्यूमेंट पर सवाल उठाते हुए कहा कि, लक्ष्य अच्छे हैं, लेकिन उनकी ठोस बुनियाद और क्रियान्वयन स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पूछा कि, 2047 के विजन की नींव क्या है और अब तक की नीतियों में क्या गलतियां हुईं, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘नवा अंजोर’ दस्तावेज में शिक्षा और स्वास्थ्य पर तो फोकस है, लेकिन लॉ एंड ऑर्डर, रोजगार और सिंचाई जैसे अहम मुद्दे गायब हैं। उद्योग नीति में ‘मेक इन छत्तीसगढ़’ की झलक नहीं दिखती और कृषि व पशुपालन से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
यह शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर तक कुल चार दिन चलेगा। 15 से 17 दिसंबर तक लॉ एंड ऑर्डर, धान खरीदी, बिजली, सड़क, जमीन दर और राशन वितरण जैसे मुद्दों पर सदन में हंगामे के आसार हैं। विधायकों ने सत्र के लिए कुल 628 सवाल लगाए हैं, जिनके जवाब मंत्रियों को देने होंगे।
सत्र का सबसे अहम मुद्दा धर्मांतरण संशोधन विधेयक माना जा रहा है। गृह मंत्री विजय शर्मा पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सरकार संशोधित धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम ला सकती है। प्रस्तावित कानून के तहत धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान होगा।