कोरबा जिले के हरदी बाजार थाना क्षेत्र में बुधवार को एक सैनिक ने अपने परिवार के दो सदस्यों पर सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। इस वारदात में एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी सैनिक को ग्रामीणों ने भागते हुए पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की वजह पारिवारिक विवाद बताई जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है।
मड़वारानी स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) कैंप में पदस्थ जवान टेसराम बिंझवार उर्फ जगन्नाथ बिंझवार, जो आरमोरार (बंदूक की सफाई) पद पर कार्यरत था, सुबह ड्यूटी छोड़कर पैदल ही महुआ-डी से अपने घर पहुंच गया। इसके बाद उसने अपनी सर्विस राइफल उठाकर उमेंदी भांठा गांव में मंदिर के पास पहुंच कर अपनी साली मदालसा (17) और चाचा ससुर राजेश कुमार (35) पर दो-दो गोलियां दाग दीं।
दोनों गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, आरोपी जवान घटना के बाद भागने लगा, जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मड़वारानी स्थित सीएएफ कैंप में जवान टेसराम बिंझवार उर्फ जगन्नाथ बिंझवार आरमोरार (बंदूक की सफाई) पद पर पदस्थ है। दो साल पहले उसकी शादी अवध बाई से हुई थी। पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते पारिवारिक बैठक कर दोनों अलग हो गए थे। वारदात के बाद हरदी बाजार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सर्विस इंसास राइफल जब्त कर ली है। आरोपी से पूछताछ जारी है।
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट तथ्य सामने आएंगे।
इस गोलीकांड के समय कोरबा में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक चल रही थी, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा सहित 13 मंत्री मौजूद थे। ऐसे समय में यह घटना क्षेत्र में भारी सनसनी और भय का माहौल पैदा कर गई। सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव था कि तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। पुलिस ने इलाके को सील कर दिए जाने के साथ ही जांच में तेजी ला दी है। प्रशासनिक स्तर पर सीएएफ कैंप के अधिकारियों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।