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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 32 घंटे बाद खुला जाम :गैस टैंकर पलटने से बंद था रास्ता, यात्री हुए परेशान

खंडाला घाट पर प्रोपाइलीन गैस से भरा टैंकर पलटने के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे करीब 32 घंटे तक बंद रहा। लंबे जाम में फंसे यात्रियों को खाने-पीने और टॉयलेट की दिक्कतें झेलनी पड़ीं। राहत कार्यों और टैंकर हटाए जाने के बाद ट्रैफिक धीरे-धीरे बहाल हुआ।
गैस टैंकर पलटने से बंद था रास्ता, यात्री हुए परेशान
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुंबई/पुणे। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 3 फरवरी की शाम खंडाला घाट के पास एक प्रोपाइलीन गैस से भरा टैंकर पलट गया। टैंकर में भरी ज्वलनशील गैस रिसाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने एक्सप्रेसवे दोनों दिशाओं में पूरी तरह बंद कर दिया। इससे अप और डाउन दोनों लेनों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जो 20-25 किमी तक फैल गईं।

    इस घटना से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोग प्रभावित हुए। ट्रक, बस, कार और अन्य वाहन घंटों तक एक्सप्रेसवे पर फंसे रहे। यात्रियों को अपनी गाड़ियों में पूरी रात गुजारनी पड़ी। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार यात्री पानी, भोजन और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करते रहे।

    जाम की स्थिति और फंसी बसें

    MSRTC की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर करीब 165 बसें अलग-अलग जगहों पर फंसी रहीं। इनमें सतारा की 46, सोलापुर की 36, पुणे की 20, सांगली की 18, कोल्हापुर की 13, पालघर की 12, ठाणे की 11 और मुंबई डिवीजन की 7 बसें शामिल थीं। इसके अलावा 139 बस सेवाओं को रद्द करना पड़ा, जिसमें 73 ई-शिवनेरी और 66 सामान्य बसें शामिल थीं।

    जाम के दौरान कई उद्योगपति और यात्रियों को भी मुश्किलें आईं। पिनैकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी इस जाम में फंसे और लगभग आठ घंटे तक रुकने के बाद उन्हें हेलिकॉप्टर से पुणे ले जाया गया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हेलिकॉप्टर से ली गई जाम की तस्वीर साझा की।

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    राहत कार्य और सुरक्षा उपाय

    घटना के तुरंत बाद NDRF, SDRF, BPCL, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सबसे पहले टैंकर में गैस रिसाव की जांच की गई और क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया गया। इसके बाद भारी क्रेन और तकनीकी उपकरणों की मदद से टैंकर को एक्सप्रेसवे से हटाया गया।
    सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए पूरी प्रक्रिया में कई घंटे लगे। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की ओर डायवर्ट किया। इसके अलावा टोल वसूली भी अस्थायी रूप से रोक दी गई।

    IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने यात्रियों की मदद के लिए पानी और बिस्कुट वितरित किए। FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट दिया गया। अधिकारियों ने अपील करते हुए कहा कि, अत्यंत जरूरी न हो तो इस दौरान यात्रा न करें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।

    ट्रैफिक बहाली और हालात

    गैस टैंकर हटाए जाने के बाद 4 फरवरी की देर रात पुणे से मुंबई की ओर और कुछ देर बाद मुंबई से पुणे की दिशा में ट्रैफिक बहाल किया गया। हालांकि, लंबी कतारों और जाम में फंसे वाहनों के कारण ट्रैफिक धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस मौके पर मौजूद है और वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि किसी प्रकार का नया जाम या अव्यवस्था न पैदा हो।

    अधिकारियों के अनुसार, हालात की समीक्षा के बाद बस सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू किया जाएगा। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई और एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ कहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि इस दौरान उन्हें टॉयलेट और पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाई।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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