CG NEWS:छत्तीसगढ़ में 45 लाख वाहन बिना बीमा! सड़क पर दौड़ रही हर दूसरी गाड़ी, हादसे में पड़ सकती है भारी मार

रायपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ में लाखों वाहन मालिक इंश्योरेंस रिन्यू कराने में लापरवाही बरत रहे हैं। परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में 95.75 लाख वाहनों में से 45 लाख से अधिक वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालक इसमें शामिल हैं। बिना बीमा वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि दुर्घटना, चोरी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में भारी आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकता है।
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हर दूसरी गाड़ी बिना बीमा
छत्तीसगढ़ में इस समय 50 प्रतिशत से अधिक वाहन बिना वैध इंश्योरेंस के चल रहे हैं। वाहन मालिक खरीद के समय बीमा तो कराते हैं, लेकिन उसकी अवधि खत्म होने के बाद रिन्यू नहीं कराते। परिवहन विभाग और बीमा कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 45 लाख वाहन बिना बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालक लापरवाह
बिना बीमा चल रहे वाहनों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है। प्रदेश में करीब 74.80 लाख दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं। अधिकांश लोग केवल फिटनेस, पीयूसी या दुर्घटना के बाद क्लेम की जरूरत पड़ने पर ही बीमा की याद करते हैं।
प्रदेश में कितने वाहन पंजीकृत
2पहिया: 74.80 लाख
3पहिया: 1.26 लाख
कार: 4.42 लाख
व्यावसायिक वाहन: 6.15 लाख
अन्य वाहन: 5.13 लाख
कुल वाहन: 95.75 लाख
देश में भी करोड़ों वाहन बिना कवर
राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार देशभर में लगभग 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। यह कुल पंजीकृत वाहनों का 44 से 54 प्रतिशत हिस्सा है। इसी को देखते हुए नए वाहनों के लिए चार साल का बीमा पैकेज अनिवार्य किया गया है।
बीमा नहीं तो पूरा नुकसान आपकी जेब से
यदि वाहन चोरी हो जाए, दुर्घटनाग्रस्त हो जाए या बाढ़ और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हो जाए तो बीमा कंपनी पॉलिसी के अनुसार क्लेम देती है। लेकिन बिना बीमा की स्थिति में पूरा आर्थिक नुकसान वाहन मालिक को स्वयं उठाना पड़ता है। दुर्घटना में थर्ड पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई भी मालिक पर आ सकती है।
बिना बीमा पकड़े गए तो होगी कार्रवाई
मोटर वाहन अधिनियम के तहत सार्वजनिक सड़क पर चलने वाले हर वाहन के लिए कम से कम थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। पहली बार बिना बीमा पकड़े जाने पर 2 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
क्या बोले विशेषज्ञ
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने कहा कि दुर्घटना के बाद सबसे पहले वाहन के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच होती है। बिना बीमा वाहन चलाने पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाती है। सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर अमर सिंह पंडेल के अनुसार बीमा केवल चालान से बचने का माध्यम नहीं बल्कि आर्थिक सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल है। पॉलिसी समाप्त होने से पहले हीbउसका रिन्यू करा लेना चाहिए।












