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सीलिंग की दुकानों पर हाईकोर्ट 15 से पहले सुनाएगा फैसला, 45 मामलों पर फैसला सुरक्षित, 97 याचिकाओं पर सुनवाई कल

भोपाल के बहुचर्चित सीलिंग विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर मप्र हाईकोर्ट 15 सितंबर से पहले फैसला सुनाएगा। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने सोमवार को 45 मामलों में फैसला सुरक्षित रखा, जबकि 97 याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
सीलिंग की दुकानों पर हाईकोर्ट 15 से पहले सुनाएगा फैसला, 45 मामलों पर फैसला सुरक्षित, 97 याचिकाओं पर सुनवाई कल
फाइल फोटो

जबलपुर। भोपाल के बहुचर्चित सीलिंग विवाद से जुड़े मामलों पर मप्र हाईकोर्ट 15 सितंबर से पहले फैसला सुनाएगा। इसके लिए जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच द्वारा हर रोज सुनवाई की जाएगी। बेंच ने सोमवार को 45 मामलों पर फैसला सुरक्षित रख लिया, वहीं 97 याचिकाओं पर मंगलवार को आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।  

ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह और अन्य की याचिकाएं

ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह व अन्य की ओर से दाखिल इन याचिकाओं में भोपाल नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के तहत कलियासोत बांध के कैचमेंट एरिया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मास्टर प्लान के खिलाफ रहवासी इलाकों में चल रहीं व्यावसायिक दुकानों के खिलाफ नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय के अग्रवाल, सुयश मोहन गुरु और वेद प्रकाश तिवारी ने दलीलें रखीं। 

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बिजली रेट्स के मामले पर सुनवाई टली

साल में एक बार की बजाए हर माह बिजली के रेट्स तय करने के अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने मामले पर 15 सितंबर को सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. पीजी नाजपाण्डे और रजत भार्गव की ओर से वर्ष 2023 में दायर इस याचिका में मप्र राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा 17 मार्च 2023 को जारी उस संशोधन की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है, जिसके तहत बिजली दरें हर माह तय करने के अधिकार बिजली कंपनियों को दिए गए थे।

तर्क-एब बार किया जा सकता है टैरिफ में बदलाव

याचिका में दावा किया गया है कि मूल अधिनियम के तहत बिजली शुल्क या टैरिफ में बार-बार नहीं बल्कि इसे साल में केवल एक बार ही बदला जा सकता है। याचिका में दावा किया गया है कि हर महीने बिजली की दरें बढ़ने से आम आदमी का बजट गड़बड़ा जाएगा, जो जनहित के खिलाफ है। मामले में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय हाजिर हुए। डिवीजन बेंच ने मामले पर 15 सितंबर को सुनवाई करने के निर्देश दिए। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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