अकलतरा में नाली सफाई को लेकर फूटा जनता का गुस्सा,पार्षद पति ने गंदे पानी में बैठे किया चक्काजाम

रायपुर/जांजगीर चांपा: जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में नाली सफाई को लेकर नगर पालिका के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। वार्ड नंबर 11 में जलभराव और गंदगी से परेशान पार्षद पति मनोज टंडन ने दो दिनों तक खुद फावड़ा-तसला उठाकर नाली की गाद साफ की। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर वे सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर धरने पर उतर गए। उन्हें गंदे पानी में बैठा देखकर वार्डवासियों का आक्रोश भड़क उठा और लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
गंदे पानी में उतरे पार्षद पति, फिर सड़क पर उतर आया पूरा वार्ड
अकलतरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 11 में नाली सफाई और जलभराव का मामला अब बड़ा आंदोलन बन गया है। सड़क पर जमा बदबूदार और काला पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। हालात से नाराज पार्षद पति मनोज टंडन ने नगर पालिका की व्यवस्था के खिलाफ अनोखा विरोध शुरू किया।

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दो दिन तक खुद उठाया फावड़ा-तसला
नगर पालिका की सफाई व्यवस्था से नाराज मनोज टंडन ने शिकायत और इंतजार के बजाय खुद ही नाली की सफाई शुरू कर दी। बताया गया कि वे लगातार दो दिनों तक फावड़ा और तसला लेकर नाली से गाद निकालते रहे। लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से उनका गुस्सा और बढ़ गया।
सड़े पानी में बैठकर किया विरोध
रविवार को विरोध ने उस समय तीखा रूप ले लिया, जब मनोज टंडन सड़क पर जमा गंदे पानी में ही बैठ गए। उनका यह प्रदर्शन देखते ही देखते पूरे वार्ड के आक्रोश का कारण बन गया। पानी में बैठे पार्षद पति की तस्वीर ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
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महिलाओं-बुजुर्गों समेत सड़क पर उतरे लोग
मनोज टंडन के समर्थन में वार्ड के लोग भी सड़क पर उतर आए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया।रविवार सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ विरोध शाम 4 बजे तक चला।

आठ घंटे थमे रहे वाहनों के पहिए
चक्काजाम के चलते मुख्य मार्ग पर करीब आठ घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारी नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और नाली सफाई तथा जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते रहे।
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अफसरों की गैरमौजूदगी पर भी उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान जिम्मेदार नगर पालिका अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी नहीं होने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब एक जनप्रतिनिधि दूषित पानी में बैठकर विरोध कर रहा था, तब नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे?सफाई व्यवस्था के साथ अब अफसरों की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में है।
मामला बिगड़ा तो पुलिस-प्रशासन पहुंचा
चक्काजाम लंबा खिंचने के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। काफी देर की बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान का लिखित आश्वासन दिया गया।

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लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब 4 बजे मनोज टंडन गंदे पानी से बाहर आए। इसके साथ ही वार्डवासियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ। हालांकि, आंदोलन खत्म होने के बावजूद नगर पालिका के खिलाफ लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है।
सोमवार को शास्त्री चौक पर फिर होगा प्रदर्शन
रविवार का आंदोलन भले ही लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया, लेकिन वार्डवासियों ने अब नगर पालिका के खिलाफ अगली लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक सोमवार को शहर के प्रमुख शास्त्री चौक पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यानी रविवार का चक्काजाम खत्म हुआ है, लेकिन विवाद अभी खत्म नहीं हुआ।

“टेंडर-टेंडर का खेल” होने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सफाई के नाम पर बार-बार टेंडर की प्रक्रिया होती है, लेकिन कथित तौर पर टेंडर निरस्त होने के कारण जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
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जनता का सवाल—बजट है तो सफाई क्यों नहीं?
वार्डवासियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सफाई व्यवस्था के लिए बजट और प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद है, तो फिर सड़क और नालियों में गंदगी क्यों जमा है? बार-बार टेंडर प्रक्रिया और उसके निरस्त होने को लेकर भी लोग जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
अब नगर पालिका के सामने दोहरी चुनौती
अकलतरा के वार्ड नंबर 11 का यह मामला सिर्फ जलभराव और नाली सफाई तक सीमित नहीं रह गया है। गंदे पानी में बैठकर किया गया विरोध और आठ घंटे का चक्काजाम नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर बड़ा सार्वजनिक सवाल बन गया है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लिखित आश्वासन को जमीन पर उतारने और वार्ड की समस्या का स्थायी समाधान करने की है।




















