नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए इस बार दिवाली से पहले बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) के रूप में 1,866 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है, जिससे देशभर के 10.90 लाख रेलवे कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह बोनस 78 दिनों के वेतन के बराबर है और इसका सीधा असर त्योहारों के मौसम में लोगों की खरीदारी क्षमता पर पड़ेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कुल 10,91,146 कर्मचारियों को यह बोनस मिलेगा। यह परंपरा हर साल दशहरे और दुर्गा पूजा से पहले निभाई जाती है, ताकि कर्मचारियों के परिवारों को त्योहारों के दौरान खर्च के लिए अतिरिक्त धन मिल सके। पिछले साल मोदी सरकार ने 11,72,240 कर्मचारियों को 2,029 करोड़ रुपए का बोनस दिया था।
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इस बार राशि थोड़ी कम है, लेकिन लाभार्थियों की संख्या भी पिछले साल की तुलना में कम हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम बोनस की राशि किसी भी पात्र कर्मचारी को 17,951 रुपए तक मिलेगी, जो 78 दिनों के वेतन के बराबर होगी। यह बोनस विभिन्न श्रेणियों के रेलवे स्टाफ़ को मिलेगा, जिनमें ट्रैक मैन्टेनर, लोको पायलट, गार्ड (ट्रेन मैनेजर), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, हेल्पर, प्वाइंट्समैन, मंत्रालयीन कर्मचारी और अन्य ग्रुप 'सी' श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। रेलवे की उपलब्धियों को देखते हुए यह बोनस उचित माना गया है। वर्ष 2024-25 में भारतीय रेलवे ने रिकॉर्ड 1614.90 मिलियन टन माल ढुलाई की और लगभग 7.3 अरब यात्रियों को सफर करवाया।
आंकड़े दिखाते हैं कि रेलवे ने न केवल अपनी पुरानी स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति दी है। यही वजह है कि सरकार ने कर्मचारियों के अच्छे प्रदर्शन की मान्यता में यह बोनस दिया है। इस बोनस की घोषणा ऐसे समय हुई है जब बाजार में त्योहारों की खरीदारी की तैयारियां चल रही हैं और खुदरा व्यापारी अच्छी बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। जीएसटी दरों में हालिया कटौती से कई उत्पाद सस्ते हुए हैं और अब रेलवे कर्मचारियों को बोनस मिलने से उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, टिकाऊ सामान, कपड़े और त्योहारों से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री में तेजी आने की संभावना है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रेलवे कर्मचारियों की बड़ी संख्या है, इसलिए इस बोनस का असर सीधे तौर पर वहां की अर्थव्यवस्था और बाजार पर पड़ेगा।
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इसके अलावा, कैबिनेट बैठक में रेलवे समेत अन्य क्षेत्रों में लगभग 94,000–95,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें बख्तियारपुर–राजगीर–टिलैया रेल लाइन के दोहरीकरण को हरी झंडी मिली है। अब तक यह सिंगल लाइन थी जिससे क्षमता सीमित थी। इसके डबल लाइन बनने से यातायात और माल ढुलाई की क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी। कुल मिलाकर यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए राहत और खुशी का कारण है, बल्कि यह त्योहारों के दौरान अर्थव्यवस्था को गति देने वाला भी साबित होगा। रेलवे कर्मचारी लंबे समय से बोनस की मांग कर रहे थे और सरकार ने उनकी मेहनत को मान्यता देते हुए यह बोनस मंजूर किया है। इससे एक ओर कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर बाजार और उपभोग की गति भी तेज होगी, जिससे त्योहारों का रंग और गहरा होगा।