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दुनिया में ब्रिटेन और हंगरी के बाद चीनी निवेश का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा ब्राजील

दुनिया में ब्रिटेन और हंगरी के बाद चीनी निवेश का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा ब्राजील

बीजिंग। दुनिया में ब्रिटेन और हंगरी के बाद ब्राजील हाल के दिनों में चीनी निवेश का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। एक अध्ययन में सामने आया है कि 2024 में चीन ने ब्राजील में 4.2 अरब डॉलर का निवेश किया, जो 2023 की तुलना में दोगुना है। चीन ने ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश जारी रखते हुए नए क्षेत्रों जैसे इलेक्ट्रिक कार और फूड डिलीवरी में भी कदम रखा है। ब्राजील-चीन के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों ने इस प्रवृत्ति को और तेज किया है। ब्राजील के औद्योगिक विकास, नवाचार, व्यापार और सेवा सचिव उवाल्से मोरेइरा ने कहा कि चीन का निवेश देश के औद्योगिक क्षेत्र में एक प्रतिस्पर्धी झटका लाएगा और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास में मदद करेगा। उनके अनुसार, ब्राज़ील को ऐसे निवेश की जरूरत है, ताकि वह वैश्विक स्तर पर मजबूत उत्पादन ढांचा तैयार कर सके। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई चीनी कंपनियां अब भी ब्राजील में अंतिम असेंबली के लिए पुर्जे चीन से आयात करती हैं।

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शी और लूला दा सिल्वा के बीच बढ़ी नजदीकी

उवाल्से मोरेइरा ने कहा ऐसा निवेश सीमित नौकरियां पैदा करता है और आपूर्ति श्रृंखलाओं में नई फैक्ट्रियों के विकास को ज्यादा प्रोत्साहित नहीं करता, जितनी कि देश को जरूरत होती है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले साल दो बार मिले और दोनों ने कई क्षेत्रों में साझेदारी की घोषणा की। यह सब उस समय हुआ जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और ब्राजील दोनों देशों से आने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ़ लगाते हुए व्यापार युद्ध को तेज कर दिया। इस स्थिति ने चीनी कंपनियों को अमेरिका से हटकर ब्राजील और अन्य विकासशील देशों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। ब्राजील-चाइना बिजनेस काउंसिल (सीईबीसी) के अध्ययन के प्रमुख लेखक तुलियो करिएलो ने कहा यह प्रवृत्ति भू-राजनीतिक तनावों के कारण बढ़ रही है। उनके अनुसार, अमेरिका में चीनी निवेश 2024 में घटकर केवल 2.2 अरब डॉलर रह गया।

ब्राजील में लगातार निवेश बढ़ा रहा चीन

वहीं, ब्राजील में चीनी निवेश का स्तर 2015 से 2019 के बीच के औसत 6.6 अरब डॉलर से अब भी कम है। उस समय चीन का ध्यान कुछ बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं, जैसे ट्रांसमिशन लाइनों और अपतटीय तेल क्षेत्रों, पर केंद्रित था। नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार चीनी कंपनियां ब्राजील में रिकॉर्ड 39 परियोजनाओं में निवेश कर रही हैं। यह निवेश पहले की तुलना में अधिक विविध क्षेत्रों में फैल गया है। ब्राजील अब चीनी पूंजी के मामले में ब्रिटेन और हंगरी के बाद तीसरे स्थान पर आ गया है, जबकि 2022 और 2023 में यह नौवें स्थान पर था। उदाहरण के लिए, तकनीकी कंपनियां मीतुआन और दीदी ने इस साल ब्राजील में फूड डिलीवरी व्यवसाय शुरू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि चीनी कंपनियां अब पारंपरिक ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से हटकर तकनीकी और उपभोक्ता-उन्मुख क्षेत्रों में भी अवसर तलाश रही हैं।

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अमेरिका अब भी ब्राजील में सबसे बड़ा निवेशक

फिर भी, ब्राज़ील के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं। वहां की आपूर्ति श्रृंखलाएं अपेक्षाकृत महंगी हैं, कर प्रणाली जटिल है और श्रम कानून सख्त हैं। इन बाधाओं के कारण चीनी कंपनियों को स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर विस्तार करने में कठिनाई होती है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका अभी भी ब्राजील का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है, जिसने 2024 में 8.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश किया। इसके बावजूद, चीन का बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि भू-राजनीतिक बदलावों और व्यापार युद्ध की स्थिति में ब्राजील, चीनी पूंजी के निवेश स्थल के रू में एक प्रमुख विकल्प बनकर उभर रहा है। यह प्रवृत्ति भविष्य में ब्राजील की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और वैश्विक निवेश नक्शे को नई दिशा दे सकती है।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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