श्रीनगर। बिहार के मुखिया नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला डॉक्टर को अपॉइंटमेंट लेटर देते हिजाब हटाने का विवाद देशभर में गर्माया है। वहीं इस पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और PDP नेत्री इल्तिजा मुफ्ती द्वारा सीएम नीतीश पर हमला बोला गया है। उन्होंने अपना यह बयान श्रीनगर में दिया है।
श्रीनगर में दिए गए बयान में इल्तिजा ने कहा कि नीतीश को उनके नकाब या हिजाब पर सवाल उठाने या हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्द में कहा कि यदि भविष्य में हिजाब को लेकर कोई कदम उठाया गया या नकाब को हटाया गया तो मुस्लिम महिलाएं इसका कड़ा विरोध करेंगी, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
पीडीपी नेत्री इसी कड़ी में आगे कहा कि नीतीश कुमार के व्यवहार को लेकर उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इधर इस मामले में इल्तिजा ने कोठीबाग थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई साथ ही कार्रवाई की मांग भी की है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज की गई है या नहीं।
15 दिसंबर को पटना में आयोजित एक समारोह के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1,283 आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे। इसी कार्यक्रम में नुसरत परवीन नाम की एक महिला डॉक्टर भी आईं थी मंट पर जाते समय वे हिजाब पहनकर पहुंची थी।
बताया गया कि नियुक्ति पत्र देते समय मुख्यमंत्री ने अचानक पब्लिकली रूप से महिला का हिजाब खींच दिया, जिससे कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोग हैरान रह गए। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद का विषय बन गया।
हिजाब से जुड़ी घटना के बाद आहत हुई डॉ. नुसरत परवीन ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बिहार सरकार की नौकरी न करने का फैसला किया है। दूसरी ओर परिवार के एक सदस्य ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि नुसरत परिजनों की बात मानने को तैयार नहीं हैं।
परिजन उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस पूरे मामले में उनकी कोई गलती नहीं है और सरकारी नौकरी छोड़ना सही कदम नहीं होगा, लेकिन नुसरत बिहार में नौकरी न करने के अपने फैसले पर अडिग हैं। परिवार के मुताबिक वह इस समय गंभीर मानसिक दबाव से गुजर रही हैं।