इंदौर। शहर की कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले सनसनीखेज हमले का विजयनगर पुलिस ने परत-दर-परत खुलासा किया है। जज के डॉक्टर भाई की कार पर हमला कर दहशत फैलाने की यह वारदात जेल की सलाखों के पीछे बैठकर रची गई साजिश निकली। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हेमंत यादव, जो फिलहाल सेंट्रल जेल में बंद है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो बदमाश भागते वक्त घायल हुए और रोते-बिलखते नजर आए।
कार रोकी, शीशे तोड़े, दहशत फैलाने की कोशिश
16 दिसंबर को डॉ. शिवकुमार यादव ने विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि स्कीम नंबर-54 स्थित दूरसंचार कॉलोनी से घर लौटते वक्त बिना नंबर की बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उनकी कार रोक ली। कांच खोलने का दबाव बनाया और इनकार पर लोहे की रॉड से कार का शीशा तोड़ डाला। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई।
CCTV ने खोली पोल, जेल कनेक्शन उजागर
CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने साजिद उर्फ चेतन लाला और मोहसिन को दबोच लिया। पूछताछ में सनसनीखेज सच सामने आया ,हमले की साजिश परदेशीपुरा क्षेत्र के कुख्यात बदमाश हेमंत यादव ने रची थी, जिसके खिलाफ करीब 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
टीआई चंद्रकांत पटेल के मुताबिक जेल में बंद हेमंत ने अपने साथियों साजिद, मोहसिन और कालू उर्फ आसिफ के साथ मिलकर योजना बनाई। बदले और जमानत की डील तय हुई, पैसे का इंतजाम किया गया और वारदात को अंजाम दिलवाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में ड्राइवर विशाल भंडारी ने आर्थिक और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया. उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह
जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में हेमंत यादव के बेटे मोहित यादव के पैर का इलाज डॉ. एस.के. यादव ने किया था। हालत बिगड़ने पर पैर काटना पड़ा। हेमंत ने इसे डॉक्टर की लापरवाही मानते हुए बदला लेने की ठान ली और जेल से ही हमला प्लान कर दिया। मगर पुलिस की मुस्तैदी के आगे उसकी साजिश धराशायी हो गई।
भागते वक्त टूटे पैर, रोते-बिलखते पकड़े गए
सूचना मिलते ही एसीपी श्रॉफ के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फरार बदमाशों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में दोनों हमलावरों के पैर टूट गए। मेडिकल जांच में गंभीर चोटें पाई गईं। वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई। गिरफ्तारी के वक्त बदमाश रोते-बिलखते रहे और गिड़गिड़ाते बोले “बच्चे ऐसी हालत में देखेंगे तो क्या सोचेंगे?”
अपराधियों का लंबा इतिहास
पड़ताल में खुलासा हुआ कि विशाल भंडारी पर 2 केस, साजिद पर कातिलाना हमले सहित 25 से ज्यादा और मारपीट के 3 केस, जबकि मोहसिन पर लूट, मारपीट, चाकूबाजी और डकैती की साजिश समेत 7 केस दर्ज हैं।
मोहसिन, विशाल और साजिद गिरफ्तार हैं। हेमंत यादव और आसिफ पहले से जेल में बंद हैं, जिन्हें प्रोटेक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए लाया जाएगा। हेमंत पर परदेशीपुरा, तुकोगंज समेत कई थानों में दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसके बेटे पर भी शराब दुकान में तोड़फोड़ और अड़ीबाजी का केस दर्ज हुआ था।