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एक पार्षद की पहल :डॉक्टर नहीं बन सकीं, अब बच्चों के  लिए चला रहीं लाइब्रेरी, ट्रस्ट के सहयोग से क्लीनिक भी शुरू की

इंदौर की महिला पार्षद डॉक्टर नहीं बन पाने की कमी लोगों की शिक्षा और चिकित्सा सेवा कर पूरी कर रही हैं। पार्षद यश्स्वी पटेल ने बच्चों के लिए लाइब्रेरी शुरू की और जरूरतमंदों के लिए क्लीनिक खुलवाया है।
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डॉक्टर नहीं बन सकीं, अब बच्चों के  लिए चला रहीं लाइब्रेरी, ट्रस्ट के सहयोग से क्लीनिक भी शुरू की
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    प्रभा उपाध्याय, इंदौर। इंदौर के गौरी नगर में एक जनप्रतिनिधि अपने अधूरे सपनों को समाज के सपनों में बदलने में जुटी हैं। आर्थिक  संशाधनों के अभाव में खुद का डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं हुआ तो अब पति के साथ मिलकर शिक्षा और स्वास्थ्य को जोड़ते हुए समाज की सेवा कर रही हैं। हम बात कर रहे हैं, वार्ड-20 की कांग्रेस पार्षद यशस्वी पटेल की। वह पति अमित पटेल के साथ मिलकर न्यू गौरी नगर में अपने मकान में न सिर्फ गरीब बच्चों के लिए लाइब्रेरी संचालित कर रही हैं, बल्कि नाममात्र शुल्क पर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। डॉक्टर सुबह 9 से दोपहर एक बजे तक सेवाएं देते हैं। इससे वे परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, जो निजी अस्पतालों के महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा पाते।

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                                                        पार्षद यशस्वी पटेल

    नाममात्र के शुल्क पर लाइब्रेरी की सुविधा 

    लाइब्रेरी के संचालक अमित पटेल बताते हैं, हम तीन साल से लाइब्रेरी चला रहे हैं। इसका उद्देश्य उन युवाओं को अवसर देना है, जो महंगी कोचिंग या निजी लाइब्रेरियों की फीस वहन नहीं कर सकते। यहां मात्र 200 रुपये का एकमुश्त शुल्क लेकर चयन होने तक अध्ययन की सुविधा दी जाती है। लाइब्रेरी में यूपीएससी, एमपीपीएससी, बैंकिंग, एसएससी, पुलिस आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं। हाई-स्पीड वाई-फाई और जरूरतमंद छात्रों को लैपटॉप की सुविधा भी दी जा रही है।

    'मेरा चयन यूपी कांस्टेबल परीक्षा में हुआ'

    यूपी से आए राहुल पटेल ने कहा कि मेरे बड़े पापा गौरी नगर में ही रहते हैं और पिता गांव में खेती करते हैं। आर्थिक तंगी के कारण मैं वहां कोचिंग नहीं कर पाया तो इंदौर आ गया। यहां मुझे इस लाइब्रेरी के बारे में पता चला तो मैं पार्षद यशस्वी पटेल से मिला। इस लाइब्रेरी से पढ़ाई के बाद 2024 में मेरा चयन यूपी कांस्टेबल के लिए हुआ। अभी जौनपुर में ट्रेनिंग ले रहा हूं। 

    अशोकनगर के दीपक का भी चयन

    अशोकनगर के दीपक डांगी बताते हैं कि मेरे पिता किसान हैं। ग्रेजुएशन के बाद 2019 में पुलिस विभाग में भर्ती की तैयारी के लिए इंदौर आया था। महंगी फीस के कारण किसी बड़ी कोचिंग में एडमिशन नहीं ले सका। प्राइवेट जॉब के दौरान ही मुझे यहां के बारे में पता चला। इसी लाइब्रेरी से तैयारी कर 2024 में हेड कांस्टेबल के लिए मेरा चयन हुआ। अभी कटनी में ट्रेनिंग ले रहा हूं।

    बच्चों के सपने पूरा करने में सहयोग

    मेरा सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन संसाधनों के अभाव में वह पूरा नहीं हो सका। इसीलिए शादी के बाद अब गरीब बच्चों के लिए लाइब्रेरी संचालित कर रही हूं, ताकि मेरी तरह और बच्चों को अपने सपने पूरा करने में कठिनाई न हो।

    यशस्वी पटेल, पार्षद, वार्ड-20 इंदौर

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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