Aakash Waghmare
2 Feb 2026
कट्टर भारत विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी का शव सिंगापुर से ढाका एयरपोर्ट पहुंच चुका है। एयरपोर्ट पर उनका शव लाल ताबूत में रखा गया था। शव को देखते ही वहां मौजूद लोग फूट-फूटकर रोने लगे।
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। जगह-जगह आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।
हिंसा के बीच ढाका के पास भालुका इलाके में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को जला दिया गया। इस घटना से हालात और बिगड़ गए।
हादी का शव शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे ढाका स्थित जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा लाया जाएगा। यहां जनाजे की नमाज अदा की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों को बिना बैग और भारी सामान के आने की सलाह दी है। संसद भवन और आसपास के इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
12 दिसंबर को ढाका में बाइक सवार हमलावरों ने उस्मान हादी को गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहां गुरुवार रात उनकी मौत हो गई।
हादी की हत्या का मुख्य आरोपी फैसल करीम बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह भारत भाग गया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हत्या से एक दिन पहले फैसल करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एक रिजॉर्ट में गया था और उसने कहा था कि अगला दिन बांग्लादेश को हिला देगा।
जांच में सामने आया है कि यह हमला पूरी तरह से एक संगठित साजिश थी। पुलिस के अनुसार, एक पूर्व काउंसलर को इसका मास्टरमाइंड माना जा रहा है। करीब 20 लोग फंडिंग, हथियारों की व्यवस्था, हमला करने और आरोपियों को भगाने में शामिल थे।
रैपिड एक्शन बटालियन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
बांग्लादेश सरकार के अंतरिम सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने हिंसा और हिंदू युवक की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नए बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।