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शाहिद खान, भोपाल। इंदौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत के बाद सरकार और नगर निगमों को अलर्ट पर आ जाना चाहिए था, लेकिन राजधानी भोपाल में हालात इसके ठीक उलट नजर आ रहे हैं। भले ही निगम रोजाना 100 से 200 स्थानों पर पानी की सैंपलिंग कर रहा हो, लेकिन जिन पानी की टंकियों और वॉल चेंबर्स से होकर यही पानी शहर के घरों तक पहुंचता है, उनकी सफाई सालों से नहीं हुई। हकीकत यह है कि कई इलाकों में टंकियों के नीचे बने सप्लाई वॉल चेंबर्स में सीवेज जैसा गंदा पानी, कीचड़ और कचरा जमा है। इनमें चूहे, कबूतर और अन्य जानवरों के सड़ते शव पड़े मिले। यही पानी पाइप लाइनों के जरिए लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जो सीधे-सीधे शहरवासियों की सेहत से खिलवाड़ है।

कई टंकियों की सफाई की तारीखें हर साल कागजों में बदल दी जाती हैं, लेकिन वास्तविक सफाई कहीं नजर नहीं आती। स्थानीय रहवासी बताते हैं कि वर्षों से न तो टंकी धुली, न चेंबर साफ हुए। बारिश के मौसम में तो हालात और बिगड़ जाते हैं। गंदा पानी चेंबर में भर जाता है और उसी से सप्लाई शुरू हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में हैजा, टाइफाइड, पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियां कभी भी फैल सकती हैं। इंदौर की घटना इसी लापरवाही का भयावह उदाहरण बन चुकी है। निगम भले ही पानी के सैंपल लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा हो, लेकिन गंदगी से भरे वॉल चेंबर्स और बिना धुली टंकियों के बीच यह कवायद सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। जब तक एसओपी को कागज से निकालकर जमीन पर लागू नहीं किया जाता, तब तक भोपाल के नागरिक सुरक्षित नहीं माने जा सकते।

कॉलोनी के बीचोंबीच ओवरहैड टैंक है। टंकी पर सफाई की तारीख 9 अक्टूबर 2025 दर्ज है। जबकि अगली सफाई 9 अप्रैल 2026 को होनी है। लेकिन, स्थानीय रहवासियों ने टंकी की सफाई होने की बात से इंकार कर दिया। सरिता बाई ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं देखा की टंकी की सफाई की गई हो, जब नल चलते हैं तब काई, पक्षियों के पर और कचरा आता है।

हाउसिंग पार्क कॉलोनी में ओवरहैड और एक संप टैंक बना हुआ है। इसमें दो तरफ से बाउंड्रीवॉल बनी है। संप टैंक के एक तरफ गंदा पानी भरा हुआ है जबकी दूसरी तरफ कचरा डंप किया जा रहा है। टंकी के आसपास गंदगी की भरमार है और यहां सरकंडे उगे हुए हैं। स्थानीय रहवासी भानु जांगले ने बताया कि कभी साफ-सफाई नहीं कराई जाती है।

हाउसिंग बोर्ड क्वाटर्स से आगे कमल नगर कॉलोनी है। कॉलोनी की तरफ मुड़ते ही सड़क किनारे ओवरहैड टैंक बना हुआ है। टैंक के चारों तरफ गंदगी ही गंदगी है। वॉल चेंबर्स में सीवेज जैसा पानी भरा हुआ है। एक चैंबर में मरा हुआ चूहा पड़ा हुआ है। स्थानीय रहवासी अनीता सोनी ने बताया कि कभी टंकी की सफाई नहीं हुई। जबकि टंकी पर सफाई की तारीख 20 अप्रैल 2023 दर्ज है जबकि अगली सफाई की तारीख 19 अक्टूबर 2023 दर्ज है।

खानूगांव में बड़ी झील किनारे पुराना कुआं है। स्थानीय अंसार अहमद ने बताया कि एक दशक पहले तक कुएं से पानी की सप्लाई की जाती थी, जिसकी गवाही इसमें डली पाइप लाइनें दे रही हैं। कुएं में गंदगी न मिले इसलिए पर लोहे का जाल लगाया गया है। लेकिन, अब स्थिति ये है कि कुएं में खानूगांव एरिया का सीवेज ओवर फ्लो होकर मिल रहा है।
शहर में कहीं गंदा पानी सप्लाई न हो इसलिए रोजाना सैंपलिंग कराई जा रही है। अब तक कहीं पानी में कोई खराबी नहीं मिली है। साथ ही ओवरहैड और संप टैंक्स की सफाई कराई जाती है। जहां भी गंदगी है उसे साफ कराया जाएगा। वॉल चेंबर्स से पानी रिलीज होता है, लेकिन अंदर नहीं जाता। ऐसे में सप्लाई में गंदा पानी पहुंचना मुमकिन नहीं है।
उदित गर्ग, चीफ इंजीनियर, नगर निगम