Aniruddh Singh
31 Dec 2025
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में 5 जनवरी को फ्लैट कारोबार होता दिखाई दे रहा है। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह गिरावट के साथ 85,640.05 अंक पर खुला। इसके बाद इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला और यह उच्च स्तर पर 85,883.50 अंक तक पहुंच गया। लेकिन इसकेबाद सेलर्स के हावी होने से इसमें गिरावट देखने को मिली। 11.30 बजे के आसपास सेंसेक्स 43.29 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,718.72 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं एनएसई का निफ्टी 1.20 अंक की मामूली गिरावट के साथ 26,327.35 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। खास बात यह रही कि इसके पहले निफ्टी ने कारोबार के दौरान निफ्टी ने 26,373.20 का नया रिकॉर्ड हाई भी बनाया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाजार सपाट कारोबार की ओर बढ़ता दिख रहा है।

बाजार की गति का मतलब यह है कि निवेशक फिलहाल नए बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। आईटी और बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना। आईटी इंडेक्स में करीब 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टीसीएस जैसे बड़े शेयर नुकसान में रहे। दूसरी ओर रियल्टी, ऑटो और मेटल सेक्टर में 0.5 से 1 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली, जिसने बाजार को संतुलन में बनाए रखा। टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस बैंक और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसे शेयर निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे। बीएसई के अन्य सूचकांकों की बात करें तो बैंकएक्स में 0.34 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि सेंसेक्स 50 और भारत 22 इंडेक्स भी हल्की मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहे, जिससे यह संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में भी निवेशक चयनात्मक रणनीति अपना रहे हैं। इस समय कुल 4,189 शेयरों में कारोबार होता दिखाई दे रहा है, जिनमें गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कुछ ज्यादा है। यानी बिकवाली का दबाव दिखाई दे रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में एकतरफा तेजी की स्थिति नहीं है। टॉप गेनर्स की सूची में नेटवेब, ओला इलेक्ट्रिक, जुबलियंट इंग्रेविया और मेट्रोपोलिस जैसे शेयर शामिल हैं, जबकि सैफायर, प्रीमियर एनर्जी और एपिग्राल जैसे शेयरों में गिरावट देखी गई।
बीएसई का कुल मार्केट कैप लगभग 481.60 लाख करोड़ रुपए या 5.34 ट्रिलियन डॉलर है, जो भारतीय शेयर बाजार की विशालता और मजबूती को दर्शाता है। कुल मिलाकर, 5 जनवरी का बाजार यह संकेत देता है कि रिकॉर्ड स्तरों के पास पहुंचने के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं। वे मुनाफावसूली और सेक्टर रोटेशन के बीच संतुलन बना रहे हैं। यह स्थिति अक्सर मजबूत बाजारों में देखी जाती है, जहां आगे की दिशा तय करने से पहले निवेशक नए संकेतों का इंतजार करते हैं।