Naresh Bhagoria
6 Jan 2026
Naresh Bhagoria
6 Jan 2026
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में बढ़ती चोरी और आपराधिक घटनाओं ने सर्राफा व्यापारियों को कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापार मंडल ने तय किया है कि, अब नकाब, बुर्का या घूंघट में आए किसी भी ग्राहक को गहने नहीं बेचे जाएंगे। यह फैसला दुकानों में सुरक्षा बढ़ाने और चोरी की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आने के साथ ही चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। नकाबपोश ग्राहक CCTV कैमरों में रिकॉर्डिंग होने के बावजूद पहचान से बच जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मंडल ने सभी दुकानों के बाहर और अंदर पोस्टर लगाए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि, सुरक्षा के कारण कृपया दुकान में प्रवेश करते समय अपना चेहरा खुला रखें। नकाब, बुर्का या घूंघट में प्रवेश करने वालों को गहने नहीं दिखाए जाएंगे।
सर्राफा व्यापारी ममता गुप्ता ने बताया कि, नकाब की आड़ में चोरी करने वाले अक्सर वारदात को अंजाम देकर आसानी से बाहर निकल जाते हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिलता। इसीलिए दुकानदारों ने चेहरा दिखाने को अनिवार्य किया है।
व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि, यह नियम केवल महिलाओं या पुरुषों तक सीमित नहीं है। चाहे महिला बुर्के या घूंघट में आए या पुरुष नकाब में आए, कोई भी ग्राहक गहने तभी देख सकेगा या खरीद सकेगा जब उसका चेहरा स्पष्ट रूप से दिखे।
उदय सोनी ने कहा कि, सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। यह कदम केवल चोरी रोकने के लिए है। ईमानदार ग्राहक इससे प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन नकाब या बुर्का पहनकर आने वाले लोग गहने नहीं देख पाएंगे।

सीपरी बाजार के सभी सर्राफा व्यापारियों की मीटिंग में इस नियम पर सर्वसम्मति बनी। निर्णय के अनुसार, जो ग्राहक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे और अपना चेहरा नहीं खोलेंगे, उन्हें किसी भी तरह के लेन-देन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सर्राफा मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी ने बताया कि, जब से सोने-चांदी के दाम बढ़े हैं, दुकानों में चोरी और चोरी के प्रयास भी बढ़ गए हैं। चोरी करने वाले अक्सर नकाब या बुर्का पहनकर वारदात करते हैं। यह नियम दुकानदारों को ऐसे अपराधियों से बचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
व्यापार मंडल का कहना है कि, इस निर्णय को पुलिस प्रशासन की सहमति मिली है। पुलिस ने भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कदम सही माना है। व्यापारियों और पुलिस दोनों का मानना है कि इस नियम से चोरी की घटनाओं में कमी आएगी और दुकानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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